Health Benefits Of Brinjal In Diabetes: टाइप 2 डायबिटीज में बैंगन के सेवन से होते हैं ये फायदे, जानें सेवन के सही तरीके

यहां हम लिख रहे हैं बैंगन के  कुछ ऐसे ही गुणों के बारे में जो टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। (Health Benefits Of Brinjal In Diabetes )

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 24, 2021 6:54 PM IST

Health Benefits Of Brinjal In Diabetes: टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या दुनियाभर में बढ़ रही है और भविष्य में इस मेटाबॉलिक गड़बड़ी (Metabolic Disorder) के एक महामारी के तौर पर उभरने के अनुमान भी लगाए गए हैं। दुनियाभर के एक्सपर्ट्स डायबिटीज के खतरे को कम करने और इस बीमारी के दुष्परिणामों से बचने के लिए (ways to control diabetes) लोगों को उनकी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करने और डाइट की मदद से ब्लड शुगर लेवल्स को कंट्रोल (controlling blood sugar levels) में रखने के प्रयास करने की सलाह देते हैं।

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति जिस तरह का भोजन करता है उस तरह से ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव (fluctuating blood sugar levels) भी देखे जाते हैं।  डायबिटीज के मरीजों को जहां कुछ फल, सब्ज़ियों और फूड्स से परहेज करने या सीमित मात्रा में उनका सेवन करने की सलाह (ideal diet for diabetics)  दी जाती है वहीं,कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं जिनके सेवन से डायबिटीज के मरीजों को लाभ होता है। ऐसा ही एक फूड है बैंगन (Brinjal) जिसे हाई ब्लड शुगर लेवल्स की समस्या से जूझ रहे लोगों की डाइट (healthy foods for high blood sugar control) के लिए बेहतर माना जाता है।

क्यों हैं डायबिटीज में बैंगन खाना है फायदेमंद ?

बैंगन भारत में उगाई जाने वाली सबसे पुरानी सब्जियों में से एक है जिसमें, डाइटरी फाइबर, विभिन्न विटामिंस और मिनरल्स पाए जाते हैं। वहीं, बैंगन की कई वेरायटीज भी आसानी से बाजार में मिल जाती हैं। बैंगन को उसके गुणों और न्यूट्रिएंट्स की वजह से एक लाभकारी सब्जी माना जाता है।  यहां हम लिख रहे हैं बैंगन के कुछ ऐसे ही गुणों के बारे में जो टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes Patients) के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। (Health Benefits Of Brinjal In Diabetes In Hindi)

कोलेस्ट्रॉल फ्री फूड

बैंगन एक हाई-फाइबर फूड है जिसमें स्टार्च की मात्रा बहुत कम होती है। नॉन-स्टार्च फूड्स डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी साबित होती हैं। साथ ही बैंगन खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का डर नहीं होता जो कि उनकी स्थिति को गम्भीर बना सकता है। गौरतलब है कि डायबिटीज के मरीजों में हृदय रोगों का खतरा काफी अधिक होता है। कोलेस्ट्रॉल-फ्री होने के कारण बैंगन के सेवन से हार्ट हेल्थ पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। (Health Benefits Of Eggplant  In Diabetes)

लो-जीआई फूड

डायबिटीज में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स या हाई-जीआई फूड्स (Low GI Foods) के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि, उनसे ब्लड शुगर लेवल में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, बैंगन एक लो-जीआई फूड और इसके सेवन से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बहुत कम गति से बढ़ती है। इस तरह ब्लड शुगर लेवल्स में स्पाइक आने का डर भी कम होता है। (How to avoid sudden spike in Blood Sugar Levels)

रक्त की क्वालिटी में हो सकता है सुधार

बैंगन में फोलेट (Folate) या विटामिन बी9 (Vitamin B9) भी पाया जाता है।  फोलेट या फॉलिक एसिड (Folic Acid) शरीर में रक्त को बढ़ाने और उसे समृद्ध बनाने जैसी प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह लाल रक्त कणिकाओं (Red blood cells) के निर्माण में सहायता करता है। जिससे रक्त में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का स्तर भी बेहतर होता है। इस तरीके से बैंगन का सेवन उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है जो कमजोरी और खून की कमी या एनिमिया की समस्या से पीड़ित हैं। बैंगन का सेवन बढ़ते बच्चों और महिलाओं के लिए लाभदायक साबित हो सकता है क्योंकि एनिमिया और कमजोरी से प्रभावितों में यही समूह प्रमुख हैं। (Eating Brinjal Is beneficial in Anemia)

वेट लॉस में मददगार

डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त वजन कम करने की सलाह पहले दी जाती है। जैसा कि बैंगन एक लो-कैलोरी फूड (Low calorie food) है और इसीलिए इनका सेवन उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है जो मोटापे (obesity) या अधिक वजन की परेशानी से पीड़ित हैं। बैंगन के सेवन से ना केवल पोषक तत्व प्राप्त होते हैं बल्कि, इससे वेट लॉस (Brinjal For Weigh Loss) भी होता है।  वजन नियंत्रण में रखने से कई खतरनाक और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का रिस्क (Risk of lifestyle related diseases) भी कम होता है जिनमें डायबिटीज भी एक बीमारी है। अपने न्यूट्रिशनिस्ट से पूछकर बैंगन को सही तरीके से पकाएं और उसका सेवन करें। इस तरह आपको बैंगन के पोषक तत्व (nutrients in brinjal) भी प्राप्त हो सकेंगे और इसके अच्छे प्रभाव आपके ब्लड शुगर लेवल्स को नियंत्रित रखने में भी मदद हो सकेगी।

इम्यून सिस्टम को बना सकता है स्ट्रॉन्ग

शरीर को भीतर से स्ट्रॉन्ग और निरोगी रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants ) काफी मदद कर सकते हैं।  इसी तरह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली हानिकारक किरणों यानि फ्री-रैडिकल्स डैमेज (free radicals damage) से भी सुरक्षा देते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स। इसी तरह किडनी (kidney), लिवर (liver) और हार्ट से जुड़ी बीमारियों(heart diseases) और कैंसर जैसे घातक रोगों के रिस्क (foods helpful in reducing risk of cancer) भी एंटीऑक्सीडेंट्स से कम हो सकता हैं । बैंगन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants in brinjals) में फाइटोन्यूट्रिएंट्स (phytonutrients) और  फेनोलिक ( phenolic compounds) प्रमुख हैं जो डायबिटीज में अन्य अंगों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का रिस्क भी कम होता है। (Health benefits of brinjals)

डायबिटीज में बैंगन के सेवन के तरीके

  • हाई ब्लड शुगर लेवल्स से पीड़ित लोगों को नियमित बैंगन का जूस (Brinjal Juice) पीने से लाभ होने के दावे किए जाते हैं इसीलिए, अपने डायटिशिन या न्यूट्रिशिनिस्ट से इसकी विधि और सेवन का तरीका पूछें और परामर्श के अनुसार बैंगन के जूस का सेवन कर  सकते हैं।
  • भूने या उबले बैंगन को दही (curd) और काला नमक (black salt) जैसे मसालों के साथ मिक्स कर रायता (Baingan Ka Raita) तैयार किया जा सकता है।
  • बैंगन को भूनकर उनका भर्ता (Baingan Bharta) बनाएं। इसमें, जीरा, लहसुन जैसे मसालों और टमाटर (Tomato), प्याज जैसी हेल्दी सब्जियां भी मिक्स कर सकते हैं जो ब्लड शुगर लेवल्स को कम करनेवाली मानी जाती है। (Foods helpful in reducing blood sugar levels)
  • दाल (dal), करी और सांबर (sambhar) में बैंगन के टुकड़े डालकर पकाएं और इनका सेवन करें।

(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी और डाइट से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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