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Written By: Atul Modi | Updated : May 30, 2024 4:13 PM IST
चाय और भारतीयों का रिश्ता बहुत ही मजबूत और अनोखा है। थकान उतारने से लेकर, मूड ठीक करने तक, चिंता दूर करने के लिए, खुशी मनाने से लेकर बातचीत के दौर तक दूध वाली गाढ़ी चाय सभी को पसंद होती है। अधिकांश लोग मानते हैं कि चाय जितनी ज्यादा उबाली जाती है, उसका स्वाद उतना ही अच्छा हो जाता है। यह बात काफी हद तक ठीक भी है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ज्यादा उबली हुई चाय सेहतमंद होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दूध से बनी चाय को ज्यादा उबालने से कई नुकसान (Chai Jyada Ubalne Ke Nuksan) होते हैं। इससे सेहत को भी नुकसान होता है।
दूध से बनी चाय को ज्यादा उबालने से दूध और चाय में मौजूद विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट नष्ट हो जाते हैं। खासतौर पर प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी 12 और दूध में मौजूद कैल्शियम इससे टूट सकते हैं, जिससे इनका प्रभाव बहुत ही कम हो जाता है। ऐसे में इसमें डाले गए दूध का कोई लाभ ही नहीं रह जाता। इतना ही नहीं ज्यादा उबालने से दूध में मौजूद शर्करा कैरेमलाइज हो जाती है, जिससे हानिकारक यौगिक बन सकते हैं।
आमतौर पर लोग चाय को इसलिए ज्यादा उबालते हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़े। लेकिन कई बार इसका असर उल्टा भी हो जाता है। ज्यादा उबालने से दूध में मौजूद प्रोटीन जल जाते हैं, जिससे चाय कड़वी हो सकती है। इसी के साथ चाय की सुगंध भी कम हो जाती है। कई बार इससे दूध की नेचुरल मिठास भी खत्म हो जाती है।
आमतौर पर लोग टेंशन और थकान दूर करने के लिए चाय पीते हैं। यह बात काफी हद तक ठीक भी है, क्योंकि चाय में तनाव कम करने वाले कई एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। लेकिन चाय ज्यादा उबालने से ये सभी एंटीऑक्सीडेंट गुण खत्म हो जाते हैं। थियाफ्लेविन और कैटेचिन जैसे तनाव कम करने वाले एंटीऑक्सीडेंट भी इससे प्रभावित होते हैं। ऐसी चाय पीने से आपको इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है।
ज्यादा उबली हुई चाय पीने से पाचन संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी चाय के ज्यादा सेवन से पेट में सूजन, गैस, दर्द, एसिडिटी आदि की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसा प्रोटीन की संरचना बदलने के कारण होता है। लगातार उबालने से चाय में मौजूद टैनिन कठोर हो जाता है, जिसके कारण इसे पचाना आसान नहीं होता।