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शरीर में हो ये 5 समस्याएं तो जरूरत से ज्यादा न करें हल्दी का सेवन! सीमित मात्रा में हल्दी का सेवन देगा ये 5 फायदे
कोरोना काल में इम्यूनिटी को बूस्ट करने के चक्कर में लोग न जानें किन-किन चीजों का सेवन कर रहे हैं। इन्हीं इम्यूनिटी बूस्टर में से एक है हल्दी, जिसे लोग सब्जी को रंग देने के साथ-साथ दूध में मिलाकर पीना पसंद करते हैं। दरअसल हल्दी के कई औषधीय उपयोग भी है, जिसका समर्थन बीते कई वर्षों से विज्ञान भी करता आ रहा है। हल्दी न सिर्फ आपको चोट के दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है बल्कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
गोल्डन मसाले के रूप में भी जानीं जाने वाली हल्दी को उसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। हल्दी में मौजूद मुख्य यौगिक करक्यूमिन है, जो अधिकांश स्वास्थ्य लाभों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। कई अध्ययन बताते हैं कि हल्दी शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क के लिए भी अच्छी होती है, बशर्ते आप इसका नियमित रूप से सीमित मात्रा में सेवन करें। लेकिन अगर आप इम्यूनिटी बढ़ाने के चक्कर में ज्यादा हल्दी का सेवन करते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। लेकिन अगर इसका सही मात्रा में प्रयोग किया जाए तो ये शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
वे लोग, जो अपनी कमर पर चढ़ी चर्बी को कम करना चाहते हैं उन सभी के लिए हल्दी इस समस्या का सही जवाब है। माना जाता है कि इस मसाले में मौजूद करक्यूमिन एक ऐसा सक्रिय यौगिक है, जो आपके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को कम करने में आपकी मदद करता है। यह शरीर में मोटापे से संबंधित सूजन को कम कर सकता है और फैट बर्न करने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
बुजुर्गों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या आम होती है। यह एक गंभीर स्थिति है क्योंकि यह दिल के दौरे जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है। हल्दी, जिसे हम आमतौर पर भारतीय सब्जियों को बनाने में उपयोग करते हैं, आपकी हृदय संबंधी समस्याओं और हाई कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को कम कर सकती है।
हल्दी आपके सुस्त और उबाऊ भरे दिन को भी बेहतर बना सकती है। अध्ययन बताते हैं कि अवसाद से पीड़ित होने पर हल्दी का सेवन आपकी समस्या को हल करने में काफी मददगार हो सकता है। यह न केवल अवसाद और चिंता के लक्षणों को कम कर सकता है, बल्कि आपकी मनोदशा को भी बेहतर बना सकता है।
हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में करने से आपको अपना ब्लड शुगर लेवल सामान्य स्तर पर वापस लाने में मदद मिल सकती है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन एंड इंटरमीडियरी मेटाबोलिज्म जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि हल्दी हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में काम कर सकती है और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ब्लड शुगर को कम करने और नियंत्रित करने में मदद करती है। यह डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोकने में भी प्रभावी है।
एक्जिमा, मुंहासे या सोरायसिस स्किन संबंधी समस्याओं में से एक हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर दिन हल्दी का सेवन करने से स्किन संबंधी स्थितियों में सुधार करने में मदद मिल सकती है। हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी, रोगाणुरोधी, और एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं और यह आपकी त्वचा को कोमल और चमकदार बना सकते हैं।
भोजन में हल्दी का प्रयोग आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन जब आप किसी विशेषज्ञ की सलाह के बिना किसी भी सप्लीमेंट का सेवन करते हैं तो यह समस्या का कारण बन सकता है। सप्लीमेंट में मौजूद करक्यूमिन इन लोगों के लिए ये हानिकारक हो सकता हैः