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ग्रीन टी या टीज़ैन? क्या है बेहतर?

अगर आपको ग्रीन टी का स्वाद पसंद नहीं, तो टीज़ैन पीना शुरु करें!

ग्रीन टी कई आश्चर्यजनक तरीकों से सेहत को फायदा पहुंचाती है। इसमें एपिगलोकेटेशिन (epigallocatechin), जैसे वेट लॉस में मदद करनेवाले और कैंसर-से लड़नेवाले कई फायदेमंद तत्व हैं। यह तो सभी जानते हैं कि दुनियाभर में हेल्थ एक्सपर्ट्स ग्रीन टी को दुनिया का सबसे हेल्दी पेय या ड्रिंक मानते हैं। लेकिन, अपनी सेहत के लिए सबसे ज़्यादा फिक्रमंद लोग भी यही कहेंगे कि ग्रीन टी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं। भले ही आप उसमें बहुत सारा शहद, नींबू का रस या पुदीना (मिंट) मिला लें, इसका स्वाद ऐसा कभी नहीं बनेगा कि लोग खुशी-खुशी ग्रीन टी पीना शुरु कर दें।

शायद यही वजह है कि अब लोग एक नये तरीके की चाय की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। चाय बनाने के इस तरीके में चाय की पत्तियों का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया जाता! टिज़ैन (Tisane) एक हर्बल चाय है जिसमें पत्तियों, फूलों, फलों के छिलकों को पानी में पकाया जाता है। इनसे जो मिश्रण तैयार होता है वह खुशबूदार और बहुत अधिक स्वादिष्ट होता है।

जैसा कि हमने पहले ही बताया, टिज़ैन मुख्य रूप से चाय नहीं है क्योंकि इसमें कैमलिया सीनेन्सिस (Camellia sinensis) की पत्तियां इस्तेमाल नहीं होती। हरी चाय के विपरीत, टिज़ैन का कोई निर्धारित सूत्र नहीं है। आप इसमें अपनी पसंद के हिसाब से चीज़ें मिलाकर अपनी खुद की टिज़ैन बना सकते हैं।

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अदरक और मिंट से बना टिज़ैन मेरा पसंदीदा है जिसमें बहुत अधिक एंटीऑक्सिडेंट्स गुण होते हैं। आप हिबिस्कस-दालचीनी टिज़ैन या नारंगी-लौंग टिज़ैन भी बना सकते हैं। हालांकि यह कोई बता नहीं सकता कि टिज़ैन ग्रीन टी की तुलना में ज़्यादा हेल्दी है या नहीं? क्योंकि यह उन चीज़ों पर निर्भर करता है जो आप इसमें मिलाते हैं। लेकिन साथ ही हम यहां बता रहे हैं कुछ हेल्दी कारण जिनकी वजह से आप टिज़ैन पीना शुरु कर सकते हैं।

टिज़ैन स्वादिष्ट हैं: यह कोई हैरानी की बात नहीं है, लेकिन सूखे पीच से बनी चाय सूखी पत्तियों से बनी ग्रीन टी से बेहतर स्वाद वाली होगी। तो रोज़ सुबह ग्रीन टी का कप उठाते हुए दुखी होने की बजाय, टिज़ैन पीना शुरु करें। आपकी सुबह कड़वे स्वाद नहीं बल्कि जड़ी बूटियों और सूखे फलों के फ्लेवर्स के साथ शुरु होगी।

टिज़ैन में कैफीन नहीं होता: यह संभवतः टिज़ैन का सबसे बड़ा फायदा है। दिनभर की फुर्ति के लिए आपको सुबह कैफीनवाली चाय या कॉफी की ज़रूरत पड़ सकती है, लेकिन इससे बेचैनी, अनिद्रा और घबराहट जैसी समस्याएं भी हो सकती है। कॉफ़ी की तुलना में ग्रीन टी में बहुत कम कैफीन होता है। फिर भी, यह उन लोगों को भी परेशान कर सकता है जो कैफीन-सेंसटिव होते हैं। लेकिन सावधान रहें, आप अपने टिज़ैन में जो जड़ी-बूटियां मिलाते हैं उनमें कोको नीब (cacao nibs) या यार्बा मटे (Yerba Maté) जैसे कैफीन की थोड़ी मात्रा हो सकती है।

टिज़ैन से एसिडिटी नहीं होती: एसिडिटी की समस्या के चलते बहुत से लोगों ने ग्रीन टी पीना पूरी तरह से बंद कर दिया है [2]। ऐसे मामलों में, अदरक या जिंजर टिज़ैन में थोड़ी हल्दी डालकर पीना बेहतर होता है। आपकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार टिज़ैन बनाये जा सकते हैं। इसलिए अगर आपको हार्मोनल असंतुलन है, तो शतावरी या पेपरमिंट से बनी चाय आपके लिए सबसे अच्छी हो सकती है! यदि आपको मधुमेह या उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) है, तो हिबिस्कस चाय पीने की कोशिश करें, जो न केवल ब्लड शुगर के स्तर को कम कर देती है बल्कि हाई ब्लड प्रेशर भी कम होता है। यदि आपको नींद से जुड़ी समस्याएं हैं,तो कैमोमाइल चाय पीएं!

टिज़ैन आयरन के अवशोषण को भी प्रभावित नहीं करते: ग्रीन टी में मौजूद कैटिंस (catechins) की वजह से, भोजन से आयरन के अवशोषण में दिक्कत आती है, जिससे एनीमिया हो सकता है [2]। अगर आपके शरीर में खून की कमी है या आपको एनिमिया है, तो ग्रीन टी पीना बंद कर दें! और अगर सुबह ग्रीन टी पीए बिना आपका काम नहीं चलता, तो हेल्दी टिज़ैन पीना शुरु करें।

जिंजर-मिंट टिज़ैन बनाने का तरीका

सामग्री

अदरक की 1 पूरी जड़

पुदीने के कुछ पत्ते

नींबू की छाल (ज़रूरी नहीं)

विधि

अदरक को कूटकर अलग रख लें। एक बड़ा कप भरकर पानी उबालें। अब कूटी हुई अदरक इसमें मिलाएं और इसे पूरे एक मिनट के लिए पकने दें। आंच बंद करें और नींबू की छाल इसमें मिलाएं। परोसने से पहले, पुदीने या मिंट की पत्तियां इसमें डालें। आप इसे थोड़ा मीठा बनाने के लिए शहद भी मिला सकते हैं, लेकिन शहद के बिना भी इस पेय का स्वाद बेहतरीन होता है।

ध्यान देनेवाली बात!

कुछ जड़ी-बूटियां बहुत शक्तिशाली होती हैं और वे एलर्जी से जुड़ी प्रतिक्रियाओं का कारण भी बन सकती है, या आपकी दवा को बेअसर कर सकती हैं। इसीलिए कुछ भी नयी चीज़ें ट्राई करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी नैचुरोपैथ से बात कर ले। हालांकि, लहसुन, अदरक, गुलाब की पंखुड़ियां, हिबिस्कस, संतरा-नींबू की छाल और पेपरमिंट जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल बेहिचक किया जा सकता है।

संदर्भ:

1. https://www.thehealthsite.com/fitness/10-ways-green-tea-keeps-you-healthy-and-fit-48821/

2. https://www.thehealthsite.com/news/side-effects-of-green-tea-242366/

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अनुवादक-Sadhana Tiwari

चित्रस्रोत-Shutterstock

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