गोलगप्पे खाएंगे तो कम होगा वजन, जानें इसके अन्य फायदे

गोलगप्पे खाने के लिए दोपहर का समय सबसे सही होता है। शाम के समय इसे खाने से वजन बढ़ने की आशंका रहती है।

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Written By: Anshumala | Published : September 1, 2018 1:16 PM IST

गोलगप्पा या पानी पुरी खाना भला किसे पसंद नहीं होगा। इसका तो नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। जो लोग गोलगप्पा खाते हैं, उन्हें यह जानकर हैरानी होगी कि गोलगप्पा सिर्फ स्वाद में ही चपपटा नहीं होता बल्कि यह वजन भी कम करने में मदद करता है। सुनकर हैरान तो नहीं हो गए आप? यह पूरी तरह से सच है। ऐसे में जिनका वजन ज्यादा है, वह आज से ही इसे खाना शुरू कर दें। इतना ही नहीं, पानी पुरी खाने के सेहत पर और भी कई लाभ होते हैं। इसके सेवन से आपका हाजमा दुरुस्त रहता है। इसका चटापटा पानी कई मसालों से तैयार होता है, जो एसिटिडी और पेट दर्द जैसी समस्‍याओं का दूर करता है।

खाएंगे तो वजन होगा कम

गोलगप्पा खाने से बढ़ते वजन की समस्या दूर होती है। इसमें मीठा न हो और पुदीना, हींग, नींबू व कच्चा आम मिला दिया जाए, तो वजन नहीं बढ़ेगा। पानी में टमाटर का भी उपयोग न किया गया हो तो बेहतर है। साथ ही गोलगप्पे को रवे की बजाए आटे से बनाना व कम तलना फायदेमंद रहेगा।

मुंह के छाले करे दूर

इसके पानी का तीखा और खट्टा स्वाद मुंह के छालों में राहत दिलाने का काम करता है। इसमें जलजीरा, पुदीना व इमली होती है। इनका तीखापन व खट्टापन पेट साफ करने के साथ छालों का पानी निकालकर उन्‍हें सुखा देता है।

एसिडिटी में लाभ

सफर के दौरान कुछ लोगों को बंद माहौल में घुटन महसूस होती है। कभी-कभी मितली भी महसूस होने लगती है। ऐसे में आटे से बने 3-4 गोलगप्पे खाने से तुरंत आराम मिलता है। गर्मी के दिनों में जब बाहर धूप में घूमने से प्यास लगे और थकान महसूस हो, तो ऐसी स्थिति में सादा पानी न पिएं। इसकी जगह गोलगप्पे खा लें। इसके बाद पानी पिएंगे, तो आपको तरोताजा महसूस होगा।

कब खाएं गोलगप्पा

गोलगप्पे खाने के लिए दोपहर का समय सबसे सही होता है। शाम के समय इसे खाने से वजन बढ़ने की आशंका रहती है। साथ ही कसरत करने से पहले या बाद में गोलगप्पे खाना भी नुकसान करता है।

आटे वाले गोलगप्पे खाएं

दो तरह के गोलगप्पे होते हैं रवे और आटे वाले लेकिन आप आटे के गोलगप्पे ही खाएं। खासकर वे लोग जो वजन कम करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, वे रवे की बजाय आटे के ही गोलगप्पे खाएं। स्टफिंग में छोले या मटर की बजाय मूंग या चने की दाल का प्रयोग ज्यादा फायदा पहुंचाएगा।

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