
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Gluten Free Diet Benefits: ग्लूटेन शब्द पिछले कुछ वर्षों से बहुत अधिक चर्चा में रहा है। ग्लूटेन-फ्री डायट का चलन भी बढ़ रहा है और अब बहुत से लोग केवल ग्लूटेन-फ्री फूड ही खाते हैं। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि ग्लूटेन क्या है और ग्लूटेन फ्री डायट किस प्रकार की होती है। दअरसल, ग्लूटेन भोजन से प्राप्त होता। इसका मुख्य स्रोत है गेहूं, लेकिन यह प्रोटीन राई और जौ जैसी कुछ अन्य अनाज़ों से भी प्राप्त होता है। इन अनाज़ों से बने खाद्य पदार्थों में भी ग्लूटेन की मात्रा काफी ज़्यादा होती है। जैसे, रवा या सूजी, दलिया, सेवइयां, पास्ता और मैदा गेहूं, जौ से बने फूड्स हैं। इसीलिए, इनमें भी ग्लूटेन होता है। इसीलिए, जब कोई व्यक्ति ग्लूटेन-फ्री डायट लेता है। तो, उसे इन सभी चीज़ों से परहेज करने की ज़रूरत पड़ती है। (Gluten Free Diet Benefits)
कई लोगों को ग्लूटेन वाले फूड पचाने में दिक्कत आती है। जिससे, उन्हें डायरिया और कॉन्स्टिपेशन जैसी परेशानियां होती हैं। इसके अलावा, ग्लूटेन रिच भोजन खाने वालों को सेलियाक रोग का खतरा अधिक होता है। इसी तरह, खुजली, पिम्पल्स और सोरायसीस जैसी अन्य त्वचा संबंधी प्रॉब्लम्स का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसे ग्लूटेन एलर्जी या ग्लूटेन-सेंसिटीविटी भी कहा जाता है।
ग्लूटेन वजन बढ़ाने वाले कारणों में से एक है। इसीलिए, वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोगों को ग्लूटेन-फ्री डायट खाने से फायदा होता है। इसके साथ –साथ ग्लूटेन फ्री डायट खाने से शरीर की ब्लोटिंग कम होती है। जिससे, शरीर फूला हुआ नहीं दिखता।
इस प्रकार की डायट से पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है। जैसा कि ग्लूटेन कब्ज़ या कॉन्स्टिपेशन जैसी समस्याओं की एक वजह हो सकता है। इसीलिए, जब आप अपने भोजन में ग्लूटेन की मात्रा कम करने लगते हैं। तो, धीरे-धीरे आपका पाचन तंत्र भी सही तरीके से काम करने लगता है। जिससे, पेट की समस्याएं कम होने लगती हैं।
गेहूं या ग्लूटेन से एलर्जी वाले लोगों में सेलियाक डिज़िज़ काफी आम है। यह त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है। ग्लूटेन-फ्री डायट खाने से इस बीमारी से आराम मिलता है। इसी तरह कई स्टडीज़ में कहा गया है कि ग्लूटेन रहित भोजन खाने से सोरायसीस के लक्षणों में कमी आती है।