
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 9, 2023 10:08 PM IST
Gajar-Mooli Achar Ke Fayde : हमारे देश में सर्दियों के मौसम में अलग-अलग तरह की सब्जियों की भरमार हो जाती है। इन रंग-बिरंगी और स्वादिष्ट सब्जियों में विभिन्न प्रकार के विटामिंस, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidents) के साथ-साथ डाइटरी फाइबर (Dietary fiber)भी पाया जाता हैं और इन सब्जियों के सेवन से इन सभी पोषक तत्वों का फायदा आपको मिल सकता है। सर्दियों में अलग-अलग प्रकार की सब्जियों से अलग-अलग तरह के पकवान बनाए जाते हैं और लोग इन स्वाद भी लेते हैं। सर्दियों की एक ऐसी ही खास डिश है गाजर और मूली का अचार,जो काफी स्वादिष्ट और चटकारेदार होता है। आइए जानें इस अचार को खाने के फायदे। (Gajar-Mooli Achar Ke Fayde In Hindi)
गाजर और मूली सर्दियों की खास सब्जियां हैं जिनका सेवन करने से शरीर को न्यूट्रिशन तो मिलता ही है। साथ ही कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क भी कम होता है।
सर्दियों में गाजर और मूली का अचार (gajar mooli ka achar) खाने से डायबिटीज के मरीजों को बहुत अधिक फायदा हो सकता है। दरअसल, इन दोनों ही सब्जियों में डाइटरी फाइबर बहुत अधिक होता है जो मेटाबॉलिज्म (metabolism) बढ़ाने से लेकर शुगर लेवल कंट्रोल करने (foods to control bloods sugar level) में सहायता करता है। मेटाबॉलिक रेट बढ़ने से शरीर का वजन कम करना भी आसान हो सकता है और हेल्दी वेट मेंटेन करने से डायबिटीज मैनेजमेंट (diabetes management) में भी मदद होती है।
जैसा कि गाजर में विटामिन ए (Vitamin A Rich foods) पाया जाता है जो आंखों के लिए एक फायदेमंद तत्व है। वहीं इस में बीटा-केरोटिन, विटामिन सी और विटामिन बी भी पाया जाता है। ये सभी तत्व शरीर की शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ आंखों की रोशनी भी बढ़ाते हैं। इसीलिए, गाजर और मूली से बना अचान खाने से आंखों की रोशन बढ़ती है।
मौसम बदलने के साथ ही लोगों की इम्यून पॉवर (immune power) कम होने लगती है। इससे लोग बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं और सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं भी बहुत अधिक होने लगती हैं। इन मौसमी बीमारियों से बचने के लिए और शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए लोगों को गाजर-मूली का अचार खाना चाहिए। (diet tips to boost immune power in winters)
जैसा कि सर्दियों में डाइजेशन धीमा हो जाता है और इसी वजह से लोगों को अपच (indigestion), कॉन्स्टिपेशन (constipation) और एसिडिटी (acidity) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लेकिन, सर्दियों में शकरकंद (sweet potato), गाजर और मूली जैसी सब्जियों के सेवन से ये समस्याएं कम हो सकती हैं। दरअसल, ट्यूबर या रूटी वेजिटेबल्स (Rooty vegetables) होने के कारण गाजर और मूली में डाइटरी फाइबर की मात्रा (dietary fiber rich vegetables) अधिक होती है। यह तत्व बाउल को काम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र की शक्ति भी बढ़ाता है। इस तरह डाइजेस्टिव पॉवर (digestive power) बढ़ती है और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं कम होती है। ( how to beat digestive problems in winters)