
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Swetha. A
Fruits in Monsoon (Image Credit : ChatGPT)
मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम फूड में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के बढ़ने के लिए भी अनुकूल माना जाता है। हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की चीफ डायटीशियन स्विता ए का कहना है कि बारिश के दिनों में फल खाना बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें चुनने, धोने और स्टोर करने के तरीके का हमें थोड़ा अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। डायटीशियन का कहना है कि हमारे आसपास मौजूद फलों में कई तरह के विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, नमी और तापमान में बदलाव के कारण कुछ फल जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फूडबोर्न इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
डायटीशियन का कहना है कि सड़क किनारे बिकने वाले या लंबे समय तक खुले में रखे गए कटे हुए फल इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। कटने के बाद फल की सतह सीधे वातावरण के संपर्क में आ जाती है, जिससे बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। विशेष रूप से तरबूज, खरबूजा, अनानास और मिक्स फ्रूट चाट जैसे प्रोडक्ट्स को खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अगर इन्हें स्वच्छ वातावरण में तैयार और स्टोर नहीं किया गया है, तो पेट संबंधी इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है।
अंगूर, स्ट्रॉबेरी, चेरी और अन्य मुलायम फलों की सतह पर मिट्टी, कीटनाशकों के अवशेष और सूक्ष्मजीव चिपके हो सकते हैं। इसलिए इन्हें बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए। अगर फल पर फफूंदी, बदरंग धब्बे या सड़न दिखाई दे, तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।
केला, अनार, संतरा, मौसंबी और पपीता जैसे फलों का सेवन करना मानसून में सही माना जाता है, क्योंकि छिलका अंदर के हिस्से को बाहरी इंफेक्शन से काफी हद तक सुरक्षित रखता है। हालांकि, इन्हें भी खाने से पहले साफ हाथों से छीलना और स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।
अगर आप मानसून में फल खरीद रहे हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दें, जैसे-
FDA और CDC की सलाह है कि फलों और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए और कटे हुए फलों को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर नहीं रखना चाहिए। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी सुरक्षित भोजन और स्वच्छता को खाद्य जनित बीमारियों से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय मानता है।
Disclaimer : मानसून में किसी विशेष फल को पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। असली जोखिम फलों की गुणवत्ता, स्वच्छता और स्टोरेज से जुड़ा होता है। अगर फल ताजे हैं, अच्छी तरह धोए गए हैं और सही तरीके से रखे गए हैं, तो वे इस मौसम में भी स्वस्थ आहार का हिस्सा बन सकते हैं। इसलिए इस मानसून फल जरूर खाएं, लेकिन सुरक्षा और स्वच्छता के साथ।