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Food for healthy intestine and stomach: शरीर का हर एक अंग जरूरी है, क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं। इनका स्वस्थ रहना हमें स्वस्थ रखने में मदद करता है। और इन्हीं अंगों में से एक है आंत। आंत है जो भोजन के पोषक तत्वों को पचाने में मदद करती है, उन्हें फिल्टर करती है और जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करती है। और शरीर में मौजूद टॉक्सिक व हानिकारक तत्वों को निकालने का मदद करती हैं। जिससे शरीर को मजबूती मिलती है और इम्यूनिटी बी स्ट्रॉन्ग होती है। आंत का सेहतमंद रहना आपकी ओवरऑल हेल्थ को मजबूत करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हमारी आंत में गुड बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो हमारी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने में मदद करते हैं। यही बैक्टीरिया हमारे पाचन तंत्र को सुचारू रूप से कम करने देते हैं। यह मानसिक स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और दिल की बीमारियों जैसी खतरनाक बीमारियों को आपसे दूर रखते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे सुपर फूड के बारे में बताने जा रहे हैं जो आंतो के इस गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और आपको एक स्वस्थ और मस्त जीवन जीने देने में मदद करते हैं।
खाद्य पदार्थों में से अदरक पोषक तत्वों से भरपूर होती है और यह औषधीय गुण से भरपूर है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगार साबित होती है। हमारे शरीर पर इसका जादुई असर देखा जा सकता है, जिसमें मतली, उल्टी आना, खांसी जुकाम, गले में दर्द अपज, किसी भी तरह की सूजन और शरीर की सूजन को कम करने का काम करता है। यह आंतों को स्वस्थ रखने में भी बहुत मददगार साबित होता है। क्योंकि यह गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है इसलिए अदरक का सेवन आपको करते रहना चाहिए।
छाछ दरअसल एक फर्मेंटेड दूध से बनाया गया पदार्थ है। जिसमें प्रोबायोटिक पाए जाते हैं। जो आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम करते हैं। रोजाना छाछ का सेवन करने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और आपके इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है। यह स्वाद में थोड़ा खट्टा और कसैला होता है जो की स्वास्थ्यवर्धक है। आयुर्वेद के अनुसार छाछ बात और कफ को नियंत्रित करने में मददगार होता है। छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है जिससे आपकी आंखों को अधिक काम नहीं करना पड़ता और आप स्वस्थ रहते हैं।
हमारे बड़े बुजुर्ग हमें हमेशा से ही घी का सेवन करने के लिए कहते आए हैं। दरअसल घी कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है और हमारी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने में मदद करता है। यह आंतों में होने वाली सूजन को रोकता है और गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने का भी काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार घी की तासीर ठंडी होती है और इसका स्वाद हल्का मीठा होता है। यह बात पित्त और कफ को कम करने में मदद करता है जिससे आपकी पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और आपकी आंते भी सुरक्षित रहते हैं। यह न सिर्फ आपके पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है बल्कि आपकी याददाश्त में भी काम करती है।
चीनी के मुकाबले मिश्री का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल मिश्री चीनी का ही एक शुद्ध रूप है। मिश्री का सेवन करने से पी सी ओ एस, ओटो इम्यून डिजीज, मोटापा, और आंतों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद रहती है। इसलिए अगर आप चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं तो उसमें चीनी की जगह मिश्री को शामिल करें। यह आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाएगी और आपको स्वस्थ रखने में मदद करेगी।