
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 22, 2023 1:54 PM IST
Foods thyroid patients should never eat: थायरॉयड की समस्या थायरॉयड ग्लैंड से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण होती है। जब इस ग्रंथि द्वारा टी3, टी4 और अन्य हार्मोन्स का निर्माण बहुत अधिक मात्रा में किया जाता है तो थायरॉयड की बीमारी से जुड़े लक्षण दिखायी देने लगते हैं।बता दें कि, थॉयरॉयड ग्लैंड शरीर के मेटाबॉलिज्म से लेकर मेंटल हेल्थ और रक्त में कैल्शियम के की मात्रा कम करने जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों को कंट्रोल करता है। इसीलिए, हार्मोन्स के स्तर में किसी तरह का असंतुलन होने या हार्मोन्स का स्तर बहुत अधिक बढ़ने या कम होने के कारण हाइपरथायरॉडिज्म ( hyperthyroidism) या हाइपोथायरॉडिज्म (hypothyroidism) की स्थिति बन सकती है। बता दें कि, हाइपोथायरॉडिज्म की स्थति में थायरॉयड ग्लैंड द्वारा हार्मोन्स का निर्माण बिल्कुल भी नहीं होता जबकि हाइपरथायरॉडिज्म में हार्मोन्स का स्तर बहुत अधिक हो जाता है। ये दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए हानिकारक हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, थायरॉयड ग्लैंड से जुड़ी गड़बड़ियोंको ठीक करने में डाइट से जुड़े कुछ बदलाव मददगार साबित हो सकते हैं। कुछ खास फूड्स खाने से थायरॉयड ग्रंथि को काम करने में मदद हो सकती है। वहीं, कुछ फूड्स का सेवन करने से थायरॉयड ग्लैंड को काम करने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इस दिशा में अभी और अधिक रिसर्च की जरूरत बतायी जाती है और लगातार रिसर्च हो भी रही है। इस लेख में पढ़ें कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में जिनका सेवन थायरॉयड के मरीजों को कभी नहीं करना चाहिए। (Foods to avoid in Thyroid in Hindi)
पैकेटबंद और रेडी टू इट फूड्स जैसे फ्रोजेन पिज्जा और डूनट्स को कई बार प्रोसेस्ड किया जाता है और इस तरह के फूड्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड या हेवी प्रोसेस्ड फूड्स खाने से थायरॉयड ग्लैंड पर सीधा असर पड़ता है। इस तरह के फूड्स थायरॉयड से जुड़ी बीमारियों को गम्भीर बना सकते हैं इसीलिए, इनके सेवन से बचें।
रोजमर्रा के खाने में लोग जाने-अनजाने जरूरत से अधिक मात्रा में नमक का सेवन कर लेते हैं और यह थायरॉयड के मरीजों के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है। एक नयी स्टडी के अनुसार भारत में लोग कम से कम 10 ग्राम नमक रोज खाते हैं जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बतायी गयी मात्रा से काफी अधिक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार नमक में मौजूद आयोडिन की मदद से थायरॉयड ग्लैंड कार्य तो करता है लेकिन, बहुत अधिक या बहुत कम मात्रा में नमक खाने से थायरॉयड ग्लैंड का काम प्रभावित हो सकता है। अधिक नमक खाने से थायरॉयड से जुड़े डिसॉर्डर्स हो सकते हैं या थायरॉयड ग्लैंड का आकार बहुत अधिक बढ़ सकता है।
थायरॉयड की बीमारी में मरीजों को टाइप 2 डायबिटीज होने का रिस्क (risk of person developing type 2 diabetes in thyroid) भी बहुत अधिक होता है। ऐसे में शुगर की समस्या से बचने के लिए थायरॉयड मरीजों को शक्कर और अन्य मीठी चीजों का सेवन कम मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। खासकर, आर्टिफिशियल स्वीटनर, आइस क्रीम और बेकरी प्रॉडक्ट्स का सेवन ना करें।