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Foods that cause depression:डिप्रेशन किसी की पूरी जिंदगी को बदल सकती है। वर्तमान में डिप्रेशन एक ऐसी समस्या बन गयी है जो तेजी से फैल रही है और बहुत से लोगों को अपनी चपेट में ले भी रही है। डिप्रेशन भले ही तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है लेकिन, इसके इलाज को लेकर अभी भी लोगों में ना तो अधिक जागरूकता है और ना ही लोग डिप्रेशन जैसी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का इलाज कराने के बारे में सोचते ही हैं। साल 2012 में एक स्टडी में यह पाया गया कि डिप्रेशन से परेशान एक-चौथाई लोगों को सही दवाएं और थेरेपी नहीं मिल पाती और इसी वजह से उनकी समस्या समय के साथ और भी गम्भीर बनने लगती है।
डिप्रेशन होने और बढ़ने के कई कारण हैं जिनमें नींद की कमी, खराब स्वास्थ्य, तनाव, भागदौड़ और कुछ दवाओं के साइड-इफेक्ट्स भी शामिल हैं। वहीं, पोषक तत्वों की कमी और खराब डाइट लेने की वजह से भी लोगों को कई तरह की मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। साल 2015 में सेल्युलर फिजियोलॉजी एंड बायोकेमिस्ट्री ( Cellular Physiology and Biochemistry) में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार ऐसे लोग जो शक्कर वाली चीजें, बोतलबंद शर्बत, रिफाइंड फूड्स और प्रोसेस्ड मीट का सेवन अधिक करते हैं उन लोगों में डिप्रेशन का रिस्क दूसरों की तुलना में अधिक होता है। वहीं, ताजे फल, मछली, ऑलिव ऑयल, दालें, नट्स और दूध से बने फूड्स का सेवन करने वाले लोगों में डिप्रेशन के लक्षणों में तेजी से कमी आते देखी गयी।
हालांकि, इस दिशा में अभी भी रिसर्च की जा रही है कि किस प्रकार के फूड्स का सेवन करने से मेंटल हेल्थ को नुकसान हो सकता है। लेकिन, कुछ फूड्स की पहचान तनाव और डिप्रेशन बढ़ाने वाले फूड्स के तौर पर की जा चुकी है। यहां पढ़ें कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में जो डिप्रेशन को बढ़ा सकते हैं और इनसे परहेज करना महत्वपूर्ण है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार बहुत अधिक शराब पीने से अल्कोहोल यूज डिसॉर्डर ( Alcohol use disorder) की समस्या हो सकती है जो कि डिप्रेशन से जुड़ी एक समस्या है। कुछ स्टडीज के अनुसार, बहुत अधिकशराब पीने से डिप्रेशन की समस्या बढ़ सकती है।
यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन (European Journal of Nutrition)में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक ऐसे लोग जो रिफाइंड फूड्स खाते हैं उनमें डिप्रेशन और एंग्जायटी का रिस्क अधिक होता है। शक्कर, ब्रेड, मैदा, सफेद पास्ता और सफेद चावल जैसी चीजें रिफाइंड फूड्स में गिनी जाती हैं। इस तरह के फूड्स कई बार प्रोसेस्ड किए जाते हैं और इन प्रक्रियाओं के दौरान उनके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। कई स्टडीज में प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन शे शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है और उनसे मेंटल हेल्थ पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
बता दें कि रिफाइंड फूड्स हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स हैं जो डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इन जीआई फूड्स खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है और कुछ स्टडीज के अनुसार महिलाओं में खासतौर पर रिफाइंड फूड्स के सेवन के व्यापक नुकसान देखे गए हैं। उनमें मेनॉपॉज से जुड़ी समस्याएं और डिप्रेशन का खतरा अधिक देखा गया है।