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पेट को हेल्दी रखने के लिए डाइट को सही रखना बेहद जरूरी है। वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिनहो (Luke Coutinho) ने हाल ही में कुछ ऐसी फूड्स का सेवन करने का सुझाव दिया जो कि हमारे लिए पारंपरिक भोजन है, लेकिन इसे आप इसे और हेल्दी बना कर खा सकते हैं। जी हां, उनका कहना है कि कुछ पारंपरिक फूड्स कई बार सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। जैसे कि वे आसानी से नहीं पचते और पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बनते हैं। साथ ही कई बार अपच का भी कारण बनते हैं और कई बार मूड खराब करते हैं। तो, आइए वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिनहो (Luke Coutinho) से जानते हैं कुछ देसी फूड्स को बनाने का तरीके के बारे में।
मफिन्स अक्सर खाने में मीठे होते हैं लेकिन आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है कि आप मफिन को सत्तू से भी बना सकते हैं। इसमें आप सब्जियों और स्वस्थ मसाले मिला सकते हैं। सत्तूजहां फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैंगनीज और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। ये ग्लूटेन फ्री है। इस मफिन्स को आप बिना टेंशन के खा सकते हैं। ये जहां पेट के लिए फायदेमंह है वहीं ये बच्चों और डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। तो, एक बार सत्तू से मफिन्स जरूर बनाएं।
पारंपरिक कढ़ी की तैयारी में आमतौर पर दही और छाछ (bina chach ki kadhi) शामिल होता है। ऐसे लोग जो डेयरी मुक्त चीजों को पसंद करते हैं वे कढ़ी को बिना छाछ और दही से बनी कढ़ी का सेवन कर सकते हैं। ये आपके पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। आप इस डेयरी-मुक्त कढ़ी को नारियल का दूध से बना सकते हैं। इस कढ़ी में नारियल का दूध मैंगनीज और कॉपर जैसे पोषक तत्वों के साथ आपके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा। यह गुड फैट का भी एक बड़ा स्रोत है जो आपके थायराइड, हार्मोन, लिवर और इम्यून हेल्थ के लिए फायदेमंद है। मसालों के मिश्रण के साथ आप इसे और टेस्टी बना सकते हैं।
हाथ से पिसी हुई दाल, चावल और मोरिंगा पाउडरसे बनने वाली खिचड़ी आपकी पारंपरिक खिचड़ी (moringa khichdi) से ज्यादा टेस्टी है। यह विटामिन, खनिज, अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट का एक समृद्ध स्रोत है। विटामिन सी, आयरन और पोटेशियम से भरपूर, मोरिंगा सूजन से लड़ता है, ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करता है, इम्यूनिटी को बढ़ाता है और हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार करने में भी मदद करता है। साथ ही इस खिचड़ी में दाल के बजाय स्प्राउट्स के साथ प्रयोग करें या मोरिंगा पाउडर के बजाय ताजा बारीक कटा हुआ मोरिंगा पत्ते डालें।
आपको यह सुन कर हैरानी हो सकती है कि उबले हुए ठंडे आलू असल में पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। ये छोटी आंत के काम काज को बेहतर बनाती है। एक बार जब यह आपकी बड़ी आंत में पहुंच जाता है, तो यह शॉर्ट-चेन फैटी एसिड और ब्यूटिरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है जो अनुकूल बैक्टीरिया को खिलाकर आंत के स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है। साथ ही ये इंसुलिन के स्तर में बढ़ोतरी का कारण भी नहीं बनता है और गर्म आलू से स्टार्च की तुलना में डायबिटीज रोगियों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। यह आपके चयापचय स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाता है। इसलिए ठंडे आलू का सलाद बनाएं और इसे खाएं।