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10 अक्टूबर को प्रत्येक वर्ष ”विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” (World Mental Health Day) मनाया जाता है। बड़े हों या बच्चे, हर किसी के लिए मेंटली हेल्दी रहना जरूरी है। मानसिक रूप से आप फिट नहीं रहेंगे, तो आप कोई भी काम सही तरीके से नहीं कर पाएंगे। कम उम्र में ही हेल्दी दिमाग (Healthy Brain) का विकास होने जरूरी है। अक्सर कुछ बच्चे किसी भी चीज के प्रति जल्दी प्रतिक्रिया नहीं देते या थोड़े डल से होते हैं। उन्हें किसी भी चीज को समझने और ग्रैस्प करने में समस्या आती है। हो सकता है बच्चों को उनकी सेहत के अनुसार हेल्दी और पौष्टिक डाइट ना मिल रहा हो। बच्चा दिमाग से होशियार और तेज तभी होगा, जब उसे हेल्दी ब्रेन फूड (foods for healthy brain) खाने को दिया जाएगा। ऐसे में बच्चों को मेंटली हेल्दी (Mentally fit kids) रखने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें...
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बेशक, आपका बच्चा खाने-पीने में नखरे करता हो, बावजूद इसके उनके खाने-पीने का आपको ध्यान देना होगा। बच्चे के शरीर में पौष्टिक चीजें नहीं जाएंगी, तो उसके शरीर और दिमाग को आवश्यक पोषक तत्व (foods for healthy brain) नहीं मिल पाएंगे। इससे उनका मानसिक विकास भी ठीक से नहीं होगा। हेल्दी फूड से बच्चे का दिमागी विकास, दांत, हड्डियां मजबूत होती हैं। मजबूत मांसपेशियां तभी बनेंगी, जब बच्चे को नियमित और पौष्टिक आहार मिलता रहे।
एक से पांच वर्ष के बच्चों को भरपूर कैलोरी की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शारीरिक व मानसिक विकास उसी पर निर्भर होता है। बच्चों को जबरदस्ती खिलाने से बचें। जब उनका मूड हो तो ही खाने के लिए दें। खाने की चीजों में भरपूर पौष्टिक तत्व शामिल करें।
हरी पत्तेदार सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, काले अंगूर, बेर, चुंकदर, आलूबुखारे, साबुत अनाज से तरह-तरह की रेसिपीज बनाकर उन्हें खाने के लिए दें। इससे उनके ब्रेन को सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होंगे। डाइट में रंगों को जितना शामिल करेंगी, पोषण के लिहाज से उतना ही अच्छा होगा।
बादाम और अखरोट बच्चों को हर दिन दो-तीन खाने को दें। इससे उनका मस्तिष्क हेल्दी और शार्प बनेगा। बादाम में विटामिन ई, फाइबर, मैग्निशियम, आयरन, पोटैशियम आदि भरपूर होते हैं। आप चाहें, तो इन्हें घी में भून करके भी खाने के लिए दे सकती हैं। रात में बादाम को पानी में भिगो कर रख दें। सुबह इसे खाने के लिए दें। दूध में पीसकर भी पीने के लिए दिया जा सकता है। इन ड्राई फ्रूट्स में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो दिमाग, हड्डियों, आंखों आदि को स्वस्थ रखते हैं। बच्चा हर दिन खाएगा, तो शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होगी। इसके अलावा, बच्चे अल्जाइमर के शिकार भी नहीं होते हैं।
बच्चों के लिए सोडियम का सेवन भी जरूरी है। यदि आपका बच्चा तरल पदार्थ कम लेता है, तो शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखने के लिए सोडियम काफी फायदेमंद हो सकता है। यह खून के पी.एच. लेवल को भी नियमित करता है।
कैल्शियम के अलावा, बच्चों की हड्डियों को मजबूती देने के लिए मैगनीज भी जरूरी होता है। इससे हड्डियों का निर्माण सही तरीके से होता है। साथ ही प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट के चयापचय में भी यह सहायक होता है।
अंडा प्रोटीन का मुख्या स्रोत है। अंडा खाने से बच्चों के दिमाग का विकास अच्छी तरह से हो सकता है। इससे उनकी आंखें भी हेल्दी रहेंगी। प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स, मिनरल्स आदि अंडे में काफी मात्रा में पाया जाता है। यह बच्चे को दिमागी रूप से बेहद तेज, कुशाग्र बुद्धि वाला बनाता है। जिस भी तरीके से बच्चा अंडा खाना चाहे, उसे दें।