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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 12, 2020 4:33 PM IST
WHO ने पहली बार फूड सेफ्टी को लेकर जारी की गाइडलाइन, जानें- क्या करें और क्या नहीं?
Food Safety Tips: विश्व स्वास्थ संगठन (World Health Organization) की ओर से कोरोना वायरस को लेकर कई गाइडलाइंस जारी किए जा चुके हैं। डब्लूएचओ (WHO) ने सफाई और सुरक्षा को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में विश्व स्वास्थ संगठन ने फूड सेफ्टी (Food Safety Tips ) को लेकर कुछ हेल्थ टिप्स शेयर किया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि ये क्यों जरूरी है। चलिए जानते हैं खाने को सुरक्षित रखने (Food Safety Tips) के लिए किन पांच तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
किसी खाद्य सामाग्री को छूने से पहले या फिर खाना बनाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। टॉयलेट जाने के बाद भी हाथों को साबुन से साफ करें। खाना बनाने के दौरान इस्तेमाल होने वाली सभी जगहों को अच्छी तरह से धोएं और सैनिटाइज करें। किचन एरिया को कीड़े-मकौड़े और घर के पालतू जानवरों से दूर रखने की कोशिश करें।
बीमारी का कारण अधिकांश सूक्ष्मजीव ही होते हैं। ये सभी सूक्ष्मजीव गंदी जगहों, जानवरों और पानी में व्यापक रूप से पाए जाते हैं। ये सूक्ष्मजीव किचन के कपड़ों और कटिंग बोर्ड में आसानी से पाए जा सकते हैं, जो हाथों के जरिए आपके खानों में पहुंच सकते हैं। इसलिए, कई खाद्य पदार्थ सेहत के लिए रोग जनित हो सकते हैं।
कच्चा मीट, सी फूड्स जैसे अन्य पदार्थ पके हुए भोजन से दूर रखें। यहां तक की इसके इस्तेमाल में हुए बर्तनों को भी दूर रखने की कोशिश करें। कच्चे मीट और चिकन की कटिंग बोर्ड्स और चाकू का इस्तेमाल करने के बाद दूसरा खाना बनाने में ना करें। पके और कच्चे भोजन के बीच दूरी बनाने के लिए उसे किसी डिब्बा बंद बर्तन में रखें।
मांस, सी फूड्स, पोल्ट्री और उनके जूस में खतरनाक सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं। खाना बनाने के दौरान ये सूक्ष्मजीव अन्य भोज्य पदार्थों में जा सकते हैं, इसलिए इन्हें दूर रखना बहुत ही जरूरी है।
खाना बनाने के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि खाना कच्चा ना रह जाए। खासतौर पर मीट, अंडे, सी फूड्स जैसी चीजों को पकाते समय इस बात का ख्याल रखें। इन चीजों को 70 डिग्री सेल्सियस पर धीरे-धीरे उबालकर अच्छे से पकाएं। इन चीजों का सूप बनाते समय इस बात का ख्याल रखें कि इसका रंग गुलाबी ना रहे। बल्कि सूप बनने के बाद ये एकदम साफ दिखना चाहिए। पकाते समय तापमान चेक करने के लिए आप थर्मामीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। पके भोजन को खाने से पहले इसे दोबारा अच्छे से गर्म करें।
खाने की चीजों को अच्छी तरह से पकाने से इसमें मौजूद कीटाणु मर जाते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर खाना बनाने से खाना कीटाणु रहित होता है।
पके हुए भोजन को कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक ना छोड़ें। इन खानों को आप फ्रिज के उचित तापमान पर रखें। भोजन परोसने से पहले इन खानों को कम से कम 60 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म करें। फ्रिज में भी खाना ज्यादा समय तक ना छोड़ें।
कमरे के तापमान पर रखे खाने में कीटाणु काफी तेजी से बढ़ते हैं। 5 डिग्री तापमान से कम और 60 डिग्री अधिक तापमान में सूक्ष्मजीव पनपने बंद हो जाते हैं। वहीं, कुछ ऐसे कीटाणु भी होते हैं, जो 5 डिग्री से भी कम तापमान पर आसानी से बढ़ सकते हैं।
खाना बनाने और पीने में साफ पानी का इस्तेमाल करें। पानी को पीने से पहले अच्छी तरह से उबालें। फलों और सब्जियों को साफ पानी से धोएं। सब्जियों को खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि फल और सब्जी ताजा और पौष्टिक हो। सुरक्षा के दृष्टि से पाश्चराइज्ड मिल्क का सेवन करें। एक्सपायरी डेट खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल ना करें।
क्यों है ये जरूरी?
पानी में और कच्चे पदार्थों में यहां तक की बर्फ में भी कई खतरनाक सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो पानी को जहरीला बना देते हैं, इसलिए पानी का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में करने से पहले सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
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