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हेल्दी समझकर खा रहे हैं ये पीली गोलियां तो सावधान, बन सकती हैं ये हार्ट अटैक का कारण, पढ़ें डिटेल्स

क्या आप जानते हैं कि यही फिश ऑयल आपके लिए हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।

हेल्दी समझकर खा रहे हैं ये पीली गोलियां तो सावधान, बन सकती हैं ये हार्ट अटैक का कारण, पढ़ें डिटेल्स

Written by Sadhna Tiwari |Updated : May 25, 2024 8:01 AM IST

Fish Oil Supplements disadvantages:  ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन के साथ-साथ आपके हार्ट को भी हेल्दी रखता है। आमतौर पर ओमेगा-3 के लिए लोग फिश ऑयल सप्लीमेंट्स लेते हैं। फिश ऑयल सप्लीमेंट्स आंखों और स्किन के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यही फिश ऑयल आपके लिए हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।

एक नयी स्टडी में इस बात का पता चला है कि फिश ऑयल सप्लीमेंट लेने से हार्ट डिजिज और स्ट्रोक जैसी स्थितियों का रिस्क बढ़ सकता है। इस स्टडी के लिए चीन, ब्रिटेन और अमेरिका के शोधकर्ताओं की एक टीम गठित की गयी। इस अंतरराष्ट्रीय टीम ने 40-69 साल के आयु वर्ग के लगभग 415,737 लोगों के स्वास्थ्य का विश्लेषण किया। इनमें 55 प्रतिशत प्रतिभागि महिलाएं भी थीं। ये सभी लोग नियमित रूप से फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का सेवन करते थे।

फिश ऑयल खाने के नुकसान

इस स्टडी में 2006 और 2010 के बीच की अवधि में सर्वे किया गया और मेडिकल रिकॉर्ड डेटा के आधार पर मार्च 2021 के अंत तक मौत के डेटा को भी एकत्र किया गया। स्टडी के अंत में निष्कर्ष निकाला गया कि फिश ऑयल सप्लीमेंट्स रोजाना लेने से हार्ट डिजीज खतरा बढ़ सकता है।

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इस स्टडी के नतीजे ओपन-एक्सेस जर्नल बीएमजे मेडिसिन में प्रकाशित किए गए। इस स्टडी में बताया गया कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फिश ऑयल सप्लीमेंट्स रोजाना लेने से हार्ट डिजीज के साथ-साथ अन्य कई तरह के रोगों का भी रिस्क ब़ढ़ता है।

इसी तरह फिश सप्लीमेंट्स लेने से मौत का खतरा भी बढ़ सकता है। स्टडी में कहा गया कि जिन लोगों को हार्ट से जुड़ी समस्याएं नहीं है, अगर वह नियमित तौर पर इन सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं तो उनमें एट्रियल फाइब्रिलेशन विकसित होने का खतरा 13 प्रतिशत बढ़ सकता है। साथ ही स्ट्रोक का खतरा5 फीसदी तक बढ़ सकता है।

महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा कितना

इसमें अच्छे स्वास्थ्य वाली महिलाओं में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर का जोखिम 6 प्रतिशत और धूम्रपान न करने वालों में 6 प्रतिशत अधिक था। इसके विपरीत हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों में इसके सेवन से हार्ट अटैक का खतरा 15 प्रतिशत और हार्ट फेलियर से मौत का जोखिम 9 प्रतिशत कम हो जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस विषय में अभी और अधिक रिसर्च की जरूरत है।

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(IANS)