
... Read More
Written By: Atul Modi | Updated : November 2, 2021 1:50 PM IST
दिवाली (Diwali 2021) के मौके पर दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी और चमकीली मिठाईयां लोगों को आकर्षित कर रही होती हैं। इसलिए दिवाली पर मिठाइयों की खरीदारी के लिए दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन, मिठाई खरीदते वक्त लोग ये भूल जाते हैं कि मिठाई असली है या नकली? दरअसल, मिठाइयों में मिलावट हमेशा ही चलती रहती है लेकिन दिवाली या किसी अन्य त्योहारों पर अधिक मुनाफे के लिए ऐसे गैरकानूनी काम बढ़ जाते हैं। दिवाली पर मिठाइयों में किस तरह की मिलावट की जाती हैं इस बात को समझने के लिए हमने नोएडा के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय शर्मा से बात की, उन्होंने मिठाइयों में मिलावट को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
जिन मिठाइयों में रंग ज्यादा मिले होते हैं वह बहुत ही कलरफुल दिखाई देते हैं। इस प्रकार की मिठाइयां आमतौर पर एलर्जी, किडनी डिजीज और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय शर्मा बताते हैं कि ज्यादा रंग बिरंगी मिठाइयों को खाने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मिठाइयों में रंगों की मात्रा 100 पीपीएम (Parts Per Million) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
मिठाइयों को चमकीला और आकर्षक बनाने के लिए आमतौर पर मिठाइयों पर चांदी का वर्क किया जाता है लेकिन अधिक मुनाफे के लिए मिठाई वाले कई बार एलुमिनियम का वर्क लगा देते हैं जो कि बहुत ही हानिकारक होता है। संजय शर्मा के मुताबिक, चांदी का वर्क हाथ पर ले कर मसलने से वहां गायब हो जाता है, मगर एलुमिनियम का वर्क मसलने के बाद उसकी गोली बन जाती है जो खत्म नहीं होती। मिठाइयों में लगा एलुमिनियम का वर्क जब हम खाते हैं तो यह बहुत ही ज्यादा हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाती है।
मावे से बनने वाली मिठाइयां कितनी सुविधाएं इसका पता लगाने के लिए मावे की शुद्धता का पता होना जरूरी है। इसलिए हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाई लेनी चाहिए। हालांकि मावे की शुद्धता परखने के लिए भी आपके पास विकल्प हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय शर्मा बताते हैं कि मावे में अक्सर मिल्क पाउडर की मिलावट देखने को मिलती है। मावे की मिलावट को समझने के लिए आप आयोडीन की दो से तीन बूंद उस पर डालें। अगर मावे का रंग नीला पड़ जाए तो समझ लीजिए कि उसमें मिलावट हुई है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा के मुताबिक, दिवाली (Diwali 2021) के समय मिठाइयों में मिलावट बढ़ जाती है ऐसे में हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम बाहर से मिठाई कम से कम खरीदें। हो सके तो घर में मिठाई बना कर खाएं। हालांकि चीनी का ज्यादा सेवन हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है। डायबिटीज रोगियों को निश्चित रूप से इस प्रकार के खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए। गुड़ से तैयार की गई मिठाईयां खाना फायदे का सौदा हो सकता है। इसके अलावा मिठाइयों में चीनी के बजाय मिश्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिवाली के आगे अगले दिन बॉडी को डिटॉक्स जरूर करें।