
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
दिवाली के मौसम में मिठाइयों और नट्स की मांग बढ़ जाती है और इसी दौरान नकली या जहरीले बादाम (Almonds) भी बाजार में आने शुरू हो जाते हैं। इन नकली बादामों में अक्सर अमांगी (आमगड्डी) या साइट्रिक एसिड जैसी जहरीली रसायन मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं, खासकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। हालांकि बादाम को सुपर फूड के रूप में जाना जाता है और यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। बादाम में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स, स्वस्थ फैट्स और प्रोटीन होते हैं, जो पूरे शरीर के लिए फायदेमंद हैं। यह न केवल हृदय और मस्तिष्क के लिए अच्छे होते हैं, बल्कि आपकी त्वचा, बाल और पाचन के लिए भी बहुत लाभकारी होते हैं और नकली बादाम का सेवन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इनमें रासायनिक तत्वों और जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
नकली बादाम को चमकदार और आकर्षक बनाने के लिए इन्हें साइट्रिक एसिड, अमांगी (आमगड्डी) और अन्य केमिकल कोटिंग्स से उपचारित किया जाता है, जो स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे आप इस फेस्टिव सीजन नकली और असली बादाम की पहचान कर सकते हैं।
इसके लिए आपको केवल एक गिलास पानी और 5 सेकंड का समय चाहिए। यह तरीका न केवल सुरक्षित है, बल्कि बहुत ही सरल भी है। असली-नकली की पहचान के लिए आपको दिए गए निर्देशों का पालन करना है।
1. एक साफ गिलास में सामान्य पानी भरें।
2. उसमें कुछ बादाम डालें (जिनकी आप जांच करना चाहते हैं)
3. अगर बादाम उतरा हुआ यानी की तैरता हुआ दिखे, तो वह असली है। असली बादाम पानी में धीरे-धीरे डूबते हैं।
4. यदि बादाम पानी में तैरने लगे या गहरे रंग में बदलने लगे तो यह नकली हो सकता है। नकली बादाम में इस्तेमाल किए गए रसायन इसे हल्का और ऊपरी तौर पर आकर्षक बना देते हैं, लेकिन ये पानी में सही तरीके से डूबते नहीं हैं।
- नकली बादाम अधिक चमकदार होते हैं, क्योंकि इन पर रासायनिक कोटिंग होती है।
- जबकि, असली बादाम का स्वाद हल्का और प्राकृतिक होता है और नकली बादाम में अक्सर एक कड़वाहट होती है या ये ज्यादा खट्टे होते हैं।
- नकली बादाम का रंग अधिक गहरा और तेज होता है, जबकि असली बादाम हल्के रंग के होते हैं।
नकली बादाम में इस्तेमाल किए गए रसायन जैसे साइट्रिक एसिड और अमांगी (जो आमतौर पर एंटीफंगल रसायन होते हैं) शरीर में विषाक्त तत्वों का निर्माण कर सकते हैं। इन रसायनों का लंबे समय तक सेवन कैंसर जैसे घातक रोगों का कारण बन सकता है, क्योंकि ये कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
नकली बादाम में मिलाए गए रसायन जैसे साइट्रिक एसिड पेट की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे अपच, गैस्ट्राइटिस, दस्त, और उल्टी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ये पदार्थ पेट के अंदर घुलकर पाचन तंत्र को असंतुलित कर देते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
नकली बादाम में इस्तेमाल किए गए रासायनिक तत्व किडनी और लिवर पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। इन रसायनों के शरीर में जमा होने से शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में समस्या होती है, जिससे किडनी फेल्योर और लिवर रोग का खतरा बढ़ सकता है।
अमांगी और अन्य रासायनिक पदार्थ हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकते हैं, खासकर महिलाओं में। यह पीरियड्स के दौरान गड़बड़ी, हार्मोनल बीमारियां और प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं। कुछ लोगों को नकली बादाम के रासायनिक कोटिंग्स से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर रैशेज, इंफ्लेमेशन और खुजली हो सकती है। यह शरीर में इन्फ्लेमेटरी प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देता है, जिससे अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।