फैड डाइट और बैलेंस डाइट में क्या अंतर है ?

फैड डाइट (Fad Diet) और बैंलेस डाइट को लेकर तमाम तरह की बहस हैं. मोटापा कम करना हो तो फैड डाइट बेहतर होती है लेकिन 40 से बाद फैड डाइट का सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 3, 2019 4:02 PM IST

हाल के वर्षो में फैड डाइट (Fad Diet) का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. क्योंकि विश्व में सबसे ज्यादा लोग मोटापा का शिकार हो रहे हैं. वजन कम करने के लिए या वजन कंट्रोल में रखने के लिए लोग फैड डाइट (Fad Diet) लेते हैं. मोटापा की वजह से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की बीमारी भी मोटापा की वजह होती है. हार्ट के जितने भी रोग होते हैं उनका भी मोटापा से संबंध होता है.

फैड डाइट (Fad Diet) में ऐसे फूड को शामिल किया जाता है जिनमें बहुत कम मात्रा में फैट होता है. फैड डाइट (Fad Diet) में ज्यादातर उन चीजों को शामिल किया जाता है जो फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है.

जब वजन कम करने के लिए कीटो डाइट का सेवन किया जाता है, तो वह फैड डाइट ही होती है. वजन कम करने के लिए कुछ समय के लिए कीटो डाइट का सेवन करना तो फायदेमंद है, लेकिन लगातार कई वर्षों तक फैड डाइट (Fad Diet) का सेवन खतरनाक होता है.

फैड डाइट और बैलेंस डाइट 

केटोजेनिक डाइट की तरह; एल्कलाइन डाइट, बेबी फूड डाइट, वेगन डाइट, पैलियो डाइट और ज़ोन डाइट कुछ फैड डाइट हैं जो इन दिनों काफी लोकप्रिय हो गए हैं.

Fad diet vs balanced diet in Hindi

बढ़ती उम्र के साथ सेहत के लिए अलग-अलग तरह के विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है. फैड डाइट और बैलेंस डाइट में कुछ अंतर होता है. फैड डाइट मुख्य तौर पर तब के लिए अच्छी होती है जब शरीर में फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. लेकिन जब फैट शरीर में कम हो जाता है तो शरीर के लिए बैलेंस डाइट की जरूरत होती है.

बढ़ती उम्र में कौन सी डाइट लें 

Fad diet vs balanced diet in Hindi

इस बारे में डाइट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 30 की उम्र के बाद बैलेंस डाइट की जरूरत होती है. क्योंकि 30 के बाद शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति बहुत आवश्यक होती है.

अगर उम्र 50 के आस-पास है तो फैड डाइट का सेवन करने से बचना चाहिए. क्योंकि बढ़ती उम्र में फैड डाइट लेने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से बीमारियों की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.

उम्र के एक पड़ाव के बाद हेल्दी फैट की जरूरत होती है. कुछ लोग फैड डाइट के चक्कर में हेल्दी फैट लेना भी भूल जाते हैं. इसकी वजह से शरीर में हेल्दी फैट की कमी हो जाती है.

भूख को कभी भी कंट्रोल नहीं करना चाहिए. जब खाने की इच्छा हो जरूर खाएं. हेल्दी डाइट ही लें, ऐसा न करें कि भूख लगी है तो कुछ भी खा लें.

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