भारतीयों में प्रोटीन की कमी क्यों हो रही है और इससे किन बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है?

Protein Deficiency in Indian: भारत को जहां हेल्दी खानपान के लिए जाना जाता है, वहीं पर भारतीयों में प्रोटीन की कमी भी लगातार बढ़ती जा रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानेंगे कि आखिर भारतीयों में लगातार प्रोटीन की कमी क्यों होती जा रही है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : April 14, 2026 7:00 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vijay Kumar Sharma

Protein Deficiency in India: भारत को लोग दुनियाभर में उसके जायके के लिए जानते हैं। किसी को भारत को चिकन टिक्का पसंद है तो किसी को करी। हम भारतीय भी बड़े सम्मान के साथ अपने भारतीय व्यंजनों के बारे में बात करते हैं और शुरू से ही मानते आए हैं कि भारत में खाने-पीने की चीजों में स्वाद और उनके स्वास्थ्य लाभों की कोई कमी नहीं है। लेकिन क्या यह सच है कि भारतीय खाना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है पोषक तत्वों से भरपूर होता है? अगर इसका जवाब हां है, तो फिर भारतीयों में प्रोटीन की कमी क्यों हो रही है। भारतीयों के शरीर में मसल मास कम होने के पीछे का क्या कारण हो सकता है। आखिर क्यों डाईटीशियन और हेल्थ एक्सपर्ट्स हम भारतीयों को हमेशा अपनी डाइट में हेल्दी व न्यूट्रिशन से भरपूर फूड्स को शामिल करने की सलाह देते हैं। यहां तक कि कई बार खुद डॉक्टर्स को ही प्रोटीन सप्लीमेंट्स मरीजों को देने पड़ते हैं। इस लेख में हम हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानेंगे कि अगर भारत में प्रोटीन की कमी हो रही है, तो उसके पीछे का क्या कारण हो सकता है और उसको दूर कैसे किया जा सकता है?

भारत जैसे देश में जहां खाने-पीने की इतनी विविधता है, वहां प्रोटीन की कमी एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या बनती जा रही है। खासतौर पर बच्चों, महिलाओं और युवाओं में यह कमी तेजी से देखी जा रही है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है।

डॉ. विजय कुमार शर्मा, कंसलटेंट - इंटरनल मेडिसिन, रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर

भारतीयों में प्रोटीन की कमी के कारण

भारतीयों में प्रोटीन की कमी होना, आहार से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। इसका सबसे बड़ा कारण है डाइट का सही संतुलन न होना। बहुत से लोग अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट (जैसे चावल, रोटी) ज्यादा लेते हैं, लेकिन प्रोटीन (दाल, पनीर, अंडा, दही) की मात्रा कम होती है। दूसरा कारण है शाकाहारी खानपान। हालांकि, शाकाहार में भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत मौजूद हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में लोग संतुलित मात्रा नहीं ले पाते।

इसके अलावा भी कुछ ऐसी स्थितियां हैं जिनके कारण भारतीयों में प्रोटीन की कमी की ओर बढ़ावा मिलता है जैसे आर्थिक स्थिति, जागरूकता की कमी और फास्ट फूड का बढ़ता चलन भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग पौष्टिक खाने की बजाय जल्दी मिलने वाले जंक फूड को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, जिसमें प्रोटीन बहुत कम होता है।

प्रोटीन की कमी से किन बीमारियों का खतरा

जैसा कि हम सभी को पता है कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व होता है। अगर शरीर में प्रोटीन की कमी है तो उससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है जैसे मांसपेशियां कमजोर होना, जल्दी थकान महसूस होना और और इम्यूनिटी घटने से बार-बार संक्रमण होने का डर बढ़ना। ये सभी शरीर में प्रोटीन की कमी के लक्षण भी हैं।

इसके अलावा अगर लंबे समय से शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पा रहा है तो इसके कारण बाल झड़ने, त्वचा में रूखापन होने और नाखून कमजोर होने जैसे संकेत भी देखे जा सकते हैं। बच्चों में प्रोटीन की कमी का असर सीधा उनकी शारीरिक ग्रोथ पर पड़ता है, जिससे उनकी लंबाई और वजन सही से नहीं बढ़ पाते। इसके अलावा शरीर में सूजन (एडिमा), एनीमिया और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

शरीर में प्रोटीन की कमी होने से कैसे रोकें

प्रोटीन की कमी से बचने के लिए सबसे जरूरी है संतुलित और पौष्टिक आहार लेना। रोजाना की डाइट में प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जैसे

  • दालें (मूंग, मसूर, अरहर)
  • दूध और उससे बने उत्पाद (पनीर, दही)
  • अगर आप नॉनवेज फूड खाते हैं तो (अंडा, मछली और चिकन)
  • बीन्स (जैसे सोयाबीन, राजमा)
  • मूंगफली और अन्य ड्राई फ्रूट्स

इसके अलावा भारतीयों में प्रोटीन की कमी होने से बचने के लिए उनमें इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है, ताकि वे सही खानपान का महत्व समझ सकें। स्कूलों, मीडिया और हेल्थ कैंप के जरिए सही जानकारी पहुंचाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अगर समय रहते खानपान में सुधार कर लिया जाए, तो इससे होने वाली गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। सही जानकारी और संतुलित आहार ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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