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आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग धीरे-धीरे अपनी पारंपरिक आदतों को छोड़कर आधुनिक तरीकों को अपनाने लगे हैं। उन्हीं में से एक है हाथ से खाने की जगह चम्मच से खाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार हाथ से खाना शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है? आइए जानते हैं कि आखिर क्यों हाथ से खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और क्या चम्मच से खाने के भी कुछ फायदे हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी दे रही हैं आयुर्वेदिक सेंटर के सीईओ और आयुर्वेदिक डॉ. रोहित साने।
अन्नं ब्रह्म अर्थात खाना भगवान के समान है। इसलिए खाने के समय पूरा ध्यान, कृतज्ञता और आत्मीयता रखनी चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार हाथ से खाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण विज्ञान है। हाथ से खाने की प्रक्रिया शरीर, मन और आत्मा के बीच एक जुड़ाव पैदा करती है।
- जब हम हाथ से खाना खाते हैं, तो हमारी उंगलियां खाने के तापमान को महसूस करती हैं। इससे खाना न ज्यादा गरम होता है, न ठंडा और पेट के लिए उपयुक्त तापमान पर पहुंचता है। जब हम इन उंगलियों से खाना खाते हैं, तो ये सभी तत्व मिलकर भोजन को संतुलित करते हैं और शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखते हैं।
- हाथ से खाने में हम हर निवाले को महसूस करते हैं। इससे हमारा ध्यान खाने पर रहता है, और हम जल्दी तृप्त महसूस करते हैं। इससे ओवरईटिंग कम होती है और वज़न नियंत्रित रहता है।
- हाथ की उंगलियों में कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। खाना खाते समय इन पॉइंट्स पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे नसों और पाचन अंगों को आराम मिलता है।
- जब आप हाथ से खाते हैं, तो आपके हाथों पर मौजूद “गुड बैक्टीरिया” भोजन के साथ शरीर में प्रवेश करते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं।
आज कई लोग ऑफिस, वर्क प्लेस और साफ-सुथरे की वजह से चम्मच से खाना पसंद करते हैं। ऐसा नहीं है कि चम्मच से खाना खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं मिलता है। चम्मच से खाना खाने से भी शरीर को कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। इसमें शामिल है।
- चम्मच खाने से हाइजीन बना रहता है। अगर आप कहीं वर्कप्लवेस पर खाना खा रहे हैं तो चम्मच से खाना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर 2015 में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग हाथ से खाते हैं, वे अपने भोजन के स्वाद और मात्रा को बेहतर समझते हैं। हाथ से खाने वाले लोगों में ग्लूकोज लेवल का नियंत्रण बेहतर पाया गया, क्योंकि वे धीरे-धीरे खाते हैं। वहीं चम्मच से खाने वाले लोग जल्दबाजी में खाते हैं, उनमें ग्लूकोज नियंत्रण खराब होता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और स्टडी के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि स्वास्थ्य के लिहाज से चम्मच की बजाय हाथ से खाना ज्यादा बेहतर होता है।