
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 26, 2019 6:46 PM IST
Studies have confirmed that Indian native breeds of cows and buffaloes produce A2 milk.
दूध पीना (Raw milk) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।(Raw milk side effects) लेकिन, कच्चा दूध पीने के लिए अक्सर लोगों को मना किया जाता है। वैसे, दूध में मौजूद होते हैं कई महत्वपूर्ण एंजाइम्स ,हेल्दी फैट्स और पोषक तत्व। ये सभी चीज़ें इम्यून सिस्टम के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। लेकिन, कच्चा दूध पीने से (Raw milk side effects) फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है। इसके पीछे कई वजहें हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चा दूध नहीं पीना चाहिए। दरअसल, कच्चा दूध पीने से बैक्टेरियल इंफेक्शन होने का डर होता है। कच्चा दूध सीधा फार्म से आता है। इसीलिए, यह पास्चराइजेशन की प्रक्रिया से होकर नहीं गुज़रता। ऐसे में, दूध के बैक्टेरिया इसमें बने रहते हैं।
कच्चे दूध में पाया जाने वाला बैक्टेरिया ई.कोली आमतौर पर दुधारू जानवरों के पेट में पाया जाता है। लेकिन, मनुष्यों के पेट और आंतों में पहुंचकर यह बैक्टेरिया शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। डिहाईड्रेशन और गम्भीर डायरिया जैसी परेशानियां, ई.कोली की वजह से हो सकती हैं।
इसीलिए अगर आपके घर में कच्चा दूध रखा हुआ है तो, पीने से पहले उसे उबाल लें। इसी तरह, कार्नफ्लेक्स, खीर या स्मूदीज़ बनाने के लिए इस्तेमाल करने से पहले दूध को उबाल कर ठंडा कर लें। इस तरह, दूध में मौजूद बैक्टेरिया खत्म हो जाएंगे। इससे, आपको दूध का पूरा पोषण मिल सकेगा।
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