
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 14, 2024 12:36 PM IST
Salt Consumption in excess side effects: खाने में अगर नमक ना हो तो खाना बेस्वाद लगता है। रोजमर्रा के खाने शामिल लगभग हर डिश में नमक मिलाया ही जाता है। लेकिन, क्या आज जानते हैं कि नमक खाने से पेट का कैंसर (Stomach cancer) भी हो सकता है। एक नयी स्टडी में यह दावा किया गया है कि अधिक मात्रा में नमक खाने से पेट के कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।
यह नयी स्टडी वियना यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर पब्लिक हेल्थ की है जिसे हाल ही में प्रकाशित किया गया। इस स्टडी में कहा गया कि जो लोग अपने खाने में ऊपर से नमक मिलाकर खाते हैं या जिन्हें खाने में ज्यादा नमक (eating salt in excess) पसंद है उनमें अन्य लोगों की तुलना में पेट के कैंसर का खतरा अधिक होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार ज्यादा नमकवाला खाना खाने से स्वास्थ्य को गम्भीर नुकसान हो सकते हैं और कई गम्भीर बीमारियों का रिस्क भी इससे बढ़ सकता है। हालांकि, अगर आप बहुत मात्रा में या सीमित मात्रा में नमक खाते हैं तो इससे आपको किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
अधिक नमक खाने से हाई बीपी की समस्याहो सकती है। दरअसल, नमक का मुख्य घटक होता है सोडियम और जब शरीर में अधिक मात्रा में नमक पहुंच जाता है तो इससे शरीर में अतिरिक्त लिक्विड जमा होने लगता है। हाई ब्लड प्रेशर लेवल से धमनियों को नुकसान पहुंचता है जिससे हृदय रोगों और स्ट्रोक का रिस्क (risk of stroke) बढ़ सकता है।
जो लोग अधिक मात्रा में नमक खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के लेवल में बदलाव होने लगते हैं। इससे बहुत अधिक सुस्ती और थकान महसूस होने लगती है।
अधिक मात्रा में नमक खाने से शरीर में पानी भी जमा होने लगता है। इससे शरीर में सूजन बढ़ने लगती है और आप मोटे भी नजर आने लगते हैं। हाथों, पैरों, घुटनों से नीचे का हिस्सा और विशेषकर पांव में यह सूजन अधिक दिखायी देती है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।