रात में जल्दी खाना खाकर टाल सकते हैं हार्ट अटैक, शोधकर्ताओं ने गिनाएं समय पर खाना खाने के फायदे

एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने खाने-पीने की आदतों और हृदय रोग के बीच संबंधों का अध्ययन किया और दावा किया कि लोगों की इटिंग हैबिट्स और उनकी हार्ट हेल्थ एक-दूसरे से काफी हद तक जुड़ी हुई हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 18, 2023 7:42 PM IST

Benefits of eating early: सुबह का नाश्ता हो या रात का डिनर, आप जितनी जल्दी अपना खाना खाएंगे उतना ही स्वस्थ बनेंगे। जी हां, एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि जो लोग देर से खाना नही करते उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क भी कम होता है। नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने खाने-पीने की आदतों और हृदय रोग के बीच संबंधों का अध्ययन किया और दावा किया कि लोगों की इटिंग हैबिट्स और उनकी हार्ट हेल्थ एक-दूसरे से काफी हद तक जुड़ी हुई हैं।

देर से खाना खाने के नुकसान और जल्दी खाने के फायदे बताने वाली स्टडी

इस स्टडी के लिए न्यूट्रीनेट-सांटे समूह में 1,03,389 लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें  79 प्रतिशत महिलाएं थीं, जिनकी औसत आयु 42 साल थी। स्टडी के दौरान कई पहलुओं के आधार पर लोगों में हृदय रोगों के रिस्क को समझने की कोशिश की गयी, जिसमें उम्र,  पारिवारिक स्थिति,  आहार पोषण क्वालिटी,  जीवन शैली और स्लीपिंग पैटर्न्स पर भी ध्यान दिया गया। स्टडी के अंत में पाया गया कि,

  • ब्रेकफास्ट ना खाने (skipping breakfast) और उठने के बाद देर से खाने की आदत के चलते हृदय रोगों का रिस्क अधिक होता है। ऐसे लोग दिन का पहला भोजन जितनी देर से खाते हैं उनमें हृदय रोगों का रिस्क प्रति घंटे/ 6 प्रतिशत के आधार पर बढ़ता जाता है।
  • वहीं, रात 8 बजे से पहले डिनर खाने की तुलना में रात 9 बजे के बाद खाना खाने वालों में सेरेब्रोवास्कुलर रोग ( स्ट्रोक आदि) का खतरा 28 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
  • पुरूषों की तुलना में खाने-पीने का समय तय ना होने और देर-सवेर खाने की आदत का कारण हार्ट डिजिज का रिस्क महिलाओं में अधिक था।

इटिंग हैबिट्स और हार्ट डिजिज के बीच गहरा संबंध (eating habits and heart diseases)

ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (Global burden of disease) नामक स्टडी के अनुसार, हृदय रोग दुनियाभर में लोगों की मृत्यु का बड़ा और प्रमुख कारण है। साल 2019 में 18.6 मिलियन लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें से लगभग 7.9 मिलियन लोगों की मृत्यु आहार से जुड़े कारणों से हुईं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि, इससे स्पष्ट होता है कि खान-पान से जुड़ी आदतें इन बीमारियों की चपेट में आने में एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं। आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी और पश्चिमी समाज की मॉडर्न लाइफस्टाइल ने कई इटिंग हैबट्स को भी जन्म दिया है और जो लोगों ने बहुत तेजी से अपनाया भी है। इनमें सुबह देर से खाने, ब्रेकफास्ट स्किप करने और देर रात खाने जैसी आदतें भी शामिल हैं।

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