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Written By: Atul Modi | Updated : July 27, 2022 2:52 PM IST
शकरकंद (Sweet Potato) खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। भले ही ये स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं फिर भी यह सब्जी पोषक तत्वों से युक्त होती है। इसमें प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्निशियम और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह वजन कम करने, सांस लेने की समस्याओं, अर्थराइटिस और पेट के अल्सर से लड़ने के लिए मददगार हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए इस सब्जी से परहेज करना जरूरी है, क्योंकि ये कई बीमारियों को बढ़ा सकता है।
शकरकंद में कई पोषक तत्व होते हैं इसके साथ ही इसमें ऑक्सालेट भी अधिक होता है, जो एक तरह का कार्बनिक अम्ल है। गुर्दे की पथरी से पीड़ित होने पर जो लोग इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, उनके लिए यह हानिकारक हो सकता है, क्योंकि ऑक्सालेट पहले से मौजूद स्टोन पर जमा होने लगता है, जिससे गुर्दे की पथरी की समस्या और बढ़ सकती है।
शकरकंद पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत होने के नाते यह आपके ब्लड शुगर लेवल मैनेज करने में मदद कर सकता है, जिससे हृदय की समस्याओं का खतरा कम होता है। लेकिन जब अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो अत्यधिक पोटेशियम से हाइपरक्लेमिया हो सकती है और यह दिल के दौरे का कारण हो सकता है।
इस सब्जी में मैनिटोल भी होता है, एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट जिसे शुगर अल्कोहल या पॉलीओल कहा जाता है। हालांकि इस कार्बोहाइड्रेट को लेने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन पेट की परेशानी से पीड़ित लोगों के लिए इसका अधिक सेवन परेशानी का सबब बन सकता है। पेट की परेशानी से पीड़ित होने पर शकरकंद का अधिक सेवन करने से दस्त, पेट में दर्द और सूजन हो सकती है।
आलू के मुकाबले शकरकंद में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है और इसे हेल्दी माना जाता है। रिसर्च की मानें तो शकरकंद से इंसुलिन सेंसिविटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है। फाइबर में अधिकता और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण शकरकंद शरीर में ब्लड शुगर को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, अन्यथा यह ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। आपको बता दें कि भारत में डायबिटीज से करीब 77 मिलियन लोग प्रभावित हैं.