... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : May 20, 2019 2:12 PM IST
शुगरी ड्रिंक्स और सौ फीसदी फ्रूट जूस के कंटेंट लगभग एक जैसे साबित हुए और उनसे समय पूर्व मौत का खतरा 24 फीसदी तक बढ़ा हुआ पाया गया। © Shutterstock.
हम में से ज्यादातर लोग इन दिनों खूब जूस पीते हैं। एक धारणा यह भी बन गई है कि कार्बोनेटेड और शुगरी ड्रिंक्स पीने से बेहतर है कि फ्रूट जूस पिया जाए। पर इसकी भी एक तय सीमा है। अगर आप उस तय सीमा से ज्यादा जूस का सेवन का करते हैं तो इसकी मिठास भविष्य में आपकी जान के जोखिम को 24 फीसदी तक बढ़ा देती है। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा किया गया है।
यह भी पढ़ें - गर्मियों में कम करना है वजन, तो छाछ में मिलाएं ये खास चीजें
क्या कहता है शोध
हाल ही में हुई एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि वैसे लोग जो बहुत ज्यादा शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस का सेवन करते हैं उनमें किसी भी वजह से समय से पहले मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अमेरिका के अनुसंधानकर्ताओं ने पहली बार 100 पर्सेंट फ्रूट जूस की तुलना कोला और लेमेनेड जैसे मीठे पेय पदार्थों से की। स्टडी में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस दोनों में काफी समानताएं हैं और इन दोनों के सेवन से समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में और रिसर्च करने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें – वजन कम करना है, तो रोज चबाएं 3 इलायची
24 प्रतिशत बढ़ जाता है खतरा
एक्सपर्ट्स की मानें तो यह स्टडी बेहद अहम है, बावजूद इसके हर दिन 150 एमएल गिलास वाले फ्रूट जूस का सेवन करने से किसी तरह का खतरा नहीं है। हालांकि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 24 प्रतिशत बढ़ जाता है। वहीं, सोडा वाले शुगरी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 11 प्रतिशत बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन, सोडा वाले ड्रिंक्स से भी ज्यादा हानिकारक है।
यह भी पढ़ें – बनाने और खाने का नहीं है समय, तो एक्सपर्ट से जानें डायट का टाइम मैनेजमेंट
इस तरह किया गया अध्ययन
जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन (JAMA) में प्रकाशित इस नई रिसर्च में 13 हजार 440 लोगों के डेटा की जांच की गई। सवाल-जवाब वाले एक क्वेश्चनेयर के जरिए इन लोगों के सोडा और शुगरी ड्रिंक्स के इनटेक के साथ-साथ 100 पर्सेंट फ्रूट जूस के सेवन के आंकड़ों को भी रेकॉर्ड किया गया और यह जानने की कोशिश की गई आखिर वे कब और कितना इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं।
खतरनाक है ये मिठास
6 साल के फॉलोअप के दौरान पता चला कि एक औसत के मुताबिक करीब 1 हजार लोगों की मौत किसी भी वजह से हो गई जबकि 168 लोगों की मौत कोरोनरी हार्ट डिजीज यानी हृदय संबंधी बीमारियों की वजह से हुई। अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो इस रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि बहुत ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थ जिसमें सोडा, लेमेनेड और फ्रूट जूस जैसे ड्रिंक्स शामिल हैं का संबंध बढ़े हुए मृत्यु दर से है। यहां तक की 100 पर्सेंट फ्रूट जूस और शुगर स्वीटेंड बेवरेज (SSB) का न्यूट्रिएंट कंटेंट भी एक जैसा होता है।