कच्चा दूध पीने से हो सकती है ये घातक बीमारी, समय रहते रखें इन बातों का ध्यान

कच्चा दूध पीने से ब्रूसेला नामक बीमारी हो सकती है। ब्रूसेला से संक्रमित माता के ब्रेस्ट फीडिंग से शिशुओं को भी यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी के लक्षण स्वाइन फ्लू के समान होते हैं। जैसे- भूख नहीं लगना, ठंड लगकर बुखार आना, सुस्ती, पीठ दर्द, पेट दर्द, जोड़ों में दर्द, चक्कर आना, सिर-दर्द और वजन लगातार घटता (Raw Milk Side Effect) रहता है।

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Written By: Kishori Mishra | Published : August 26, 2020 3:45 PM IST

Raw Milk Side Effect: दूध पीने के फायदों के बारे में आपने कई बार पढ़ा होगा और सुना भी होगा। दूध कच्चा हो या फिर पका हुआ, दोनों ही रूप में सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन आपको बता दें कि अगर दूध मवेशी के थन से नि‍कालते समय पूरी साफ-सफाई और स्वच्छता का ख्याल नहीं रखा जाए, तो कच्चे दूध के सेवन से ब्रूसेलोसिस नामक बीमारी हो सकती है। ये बीमारी जीनस ब्रूसेला के बैक्टीरिया समूह से फैलती (Raw Milk Side Effect) है। ब्रूसेला लोगों के लिए जानलेवा नहीं होती है।

ब्रूसेला से संक्रमित माता के ब्रेस्ट फीडिंग से शिशुओं को भी यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी के लक्षण स्वाइन फ्लू के समान होते हैं। जैसे- भूख नहीं लगना, ठंड लगकर बुखार आना, सुस्ती, पीठ दर्द, पेट दर्द, जोड़ों में दर्द, चक्कर आना, सिर-दर्द और वजन लगातार घटता (Raw Milk Side Effect) रहता है।

कच्चा दूध पीने से होने वाली समस्या? 

विशेषज्ञों के अनुसार, जानवरों से दूध निकालते समय पूरी स्वच्छता और हाइजीन का ख्याल रखना चाहिए, अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आगे दिक्कत हो सकती है। बिना हाइजीना का ख्याल रखा दूध कीटाणुओं से दूषित हो सकता है या फिर यह दूध जानवरों के मल के संपर्क में आ सकते हैं।

अगर ऐसा हुआ, तो यह दूध पीने से व्यक्ति कई गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकता है। दूषित कच्चा दूध पीने से पेट के निचले हिस्से में दर्द, लूज मोशन, दस्त और उल्टियां जैसी शिकायतें होने लगती हैं। ये सभी लक्षण ज्‍यादा बढ़ने में समस्‍याएं और अधिक बढ़ सकती है। अगर कोई व्यक्ति काफी लंबे समय तक दूषित कच्चे दूध का सेवन कर रहा होता है, तो उसे पैरालिसिस जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। हालांकि, ऐसा बहुत ही कम होता है लेकिन इसकी आशंका रहती है।

बचाव के तरीके?

दूध को हमेशा पकाकर ही पिएं। दूध को पकाकर पीने से उसमें मौजूद वायरस और वैक्टीरिया मर जाते हैं। हालांकि, कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूध को पकाकर पीने से दूध की गुणवत्ता कम हो जाती है। यदि दूध पूरी शुद्धता के साथ निकाला जाए, तो कच्चा दूध आपके लिए अच्छा  हो सकता है, यह पके हुए दूध से कहीं ज्यादा पौष्टिक होता है।

दूध में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि दूध को पकाने के बाद जब दूध ठंडा हो जाए तो इसे फ्रिज में रखें। जब दूध ठंडा हो जाए, तो दूध का सेवन करें। पोषक तत्वों का ध्यान रखते हुए दूध को दो दिन से अधिक समय तक के लिए स्टोर ना करें।

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