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Breastfeeding mother diet : स्तनपान के दौरान सही फलों का सेवन शरीर को ऊर्जा देता है, दूध की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है और मां की रिकवरी में मदद करता है। बच्चे के जन्म के बाद मां के शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं। इस समय शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत महसूस होती है क्योंकि मां को अपनी सेहत के साथ-साथ बच्चे को भी पोषण देना होता है। जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल की गायनोक्लॉजिस्ट, सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. मंजू गोयल का कहना है कि स्तनपान कराने वाली मां के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी माना जाता है।
फल इस आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते हैं क्योंकि इनमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जब मां रोजाना सही फल खाती है तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और दूध की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है।
स्तनपान कराने वाली महिलाओं के शरीर को अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत है। आइए जानते हैं ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को कौन से फल खाने चाहिए?
पपीते को पोषण से भरपूर फल माना जाता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और फाइबर मौजूद होते हैं। यह फल पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर की रिकवरी की प्रक्रिया को समर्थन देता है। कई मामलों में पपीते को दूध उत्पादन को सहयोग देने वाला फल भी माना जाता है।
अनार को आयरन से भरपूर फल माना जाता है। प्रसव के बाद कई महिलाओं में खून की कमी देखी जाती है। ऐसे में अनार का सेवन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तरको बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यह फल शरीर को ताकत देता है और रिकवरी की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।
सेब को स्तनपान कराने वाली मां के लिए एक सुरक्षित और पोषण से भरपूर फल माना जाता है। इसमें फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह फल पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या को कम करता है। बच्चे के जन्म के बाद शरीर में कमजोरी महसूस होती है, ऐसे में सेब का नियमित सेवन शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है।
केला स्तनपान कराने वाली मां के लिए बहुत फायदेमंद फल माना जाता है। इसमें पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन बी6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। स्तनपान के दौरान शरीर से काफी ऊर्जा खर्च होती है। ऐसे में केला खाने से तुरंत ताकत मिलती है और थकान कम महसूस होती है। यह पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
संतरा और मौसमी जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। बच्चे के जन्म के बाद मां का शरीर संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो सकता है, इसलिए इन फलों का सेवन शरीर को सुरक्षा देने में सहायक माना जाता है। साथ ही इनका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।
खरबूजा और तरबूज जैसे फलों में पानी की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। इसलिए इन्हें स्तनपान कराने वाली मां के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। ये फल शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करते हैं। पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना दूध के उत्पादन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
खजूर और खुबानी जैसे सूखे फलों को भी स्तनपान कराने वाली मां के लिए अच्छा स्नैक माना जाता है। इनमें फाइबर और ऊर्जा देने वाले पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये फल शरीर को जल्दी ऊर्जा देने में मदद करते हैं और दिनभर की थकान को कम करने में सहायक बनते हैं।
स्तनपान कराने वाली मां के लिए पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि शरीर को दूध बनाने के लिए पर्याप्त तरल की जरूरत होती है। इस समय शरीर को सामान्य से अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। कई मामलों में रोजाना लगभग 450 से 500 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता महसूस होती है, इसलिए पौष्टिक और ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवनजरूरी माना जाता है। विभिन्न प्रकार के फल खाने से बच्चे को भी दूध के माध्यम से अलग-अलग स्वादों का अनुभव मिलता है।
फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी माना जाता है। ताजे और मौसमी फल चुनना बेहतर माना जाता है। यदि किसी विशेष फल को खाने के बाद बच्चे में बेचैनी, गैस या असहजता दिखाई देती है तो उस फल का सेवन कम करना या डॉक्टर से सलाह लेना उचित माना जाता है।
स्तनपान कराने वाली मां के लिए केवल फल ही नहीं बल्कि संतुलित आहार लेना भी जरूरी माना जाता है। फल, सब्जियां, प्रोटीन और पर्याप्त पानी शरीर की रिकवरी और दूध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जब मां का पोषण सही होता है तो उसका सकारात्मक असर बच्चे की सेहत पर भी दिखाई देता है। इसलिए इस समय डाइट में पौष्टिक फलों को शामिल करना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।