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क्या Soy Protein से पुरुषों में एस्ट्रोजन बढ़ जाता है? क्या जिम जाने वाले पुरुषों का डरना सही है?

प्रोटीन के लिए सोया प्रोडक्ट्स काफी अच्छा विकल्प माने गए हैं, लेकिन अक्सर कहा जाता है कि सोया प्रोटीन से पुरुषों में एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ा देता है। इस बारे में रिसर्च क्या कहती हैं और एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 10, 2026 5:04 PM IST

इसमें कोई शक नहीं है कि प्रोटीन हमारी शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक है, यानी प्रोटीन हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना घर बनाने के लिए ईंट। डॉक्टर और डाइट एक्सर्ट्स हमेशा प्रोटीन रिच डाइट लेने की सलाह देते हैं जैसे चिकन, अंडा, दूध और सोया प्रोडक्ट्स आदि। लेकिन जो लोग वेजिटेरियन हैं, उन्हें अक्सर प्रोटीन पूरा करने में दिक्कत आने लगती है, हालांकि, सोया प्रोडक्ट्स भी अच्छी मात्रा में प्रोटीन के लिए जाने जाते हैं। लेकिन सोया को लेकर भी आजकल जिम जाने वाले या हाई प्रोटीन डाइट लेने वाले लोग डरे हुए हैं, क्योंकि अक्सर ऐसा कहा जाता है कि ज्यादा सोया प्रोडक्ट्स खाने या यानी सोया प्रोटीन लेने से पुरुषों में महिलाओं वाला हार्मोन (एस्ट्रोजन) बढ़ने लगता है। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है और कितना झूठ यह सिर्फ इस पर की गई रिसर्चों पर निर्भर करता है। साथ ही एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या कहते हैं इस बारे में उनकी भी सलाह लेंगे।

सोया प्रोटीन और एस्ट्रोजन हार्मोन का कनेक्शन

Sciencedirect की एक रिपोर्ट के अनुसार यह सच है कि सोया प्रोटीन और एस्ट्रोजन हार्मोन के बीच कनेक्श है, लेकिन यह पुरुषों के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ाता है या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को कम करता है, इसका कोई प्रमाण नहीं है। साइंस डायरेक्ट ने अपने Reproductive toxicology journal में बताया कि उन्होंने सोया प्रोटीन और एस्ट्रोजन के कनेक्शन पर की गई 40 से ज्यादा रिसर्चों को फिर से स्टडी किया और उनमें पाया गया कि सोया प्रोटीन का सामान्य मात्रा में सेवन करना पुरुषों के शरीर में न तो एस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ाता है और न ही टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को कम करता है।

फिर ये अफवाह क्यों?

दरअसल, यह पूरी तरह से अफवाह नहीं है बल्कि सोया प्रोडक्ट्स में पाया जाने वाला एक खास कंपाउंड जिसे आइसोफ्लेवोन्स (Isoflavones) के कारण हुई गलतफहमी है। आइसोफ्लेवोन्स एक फाइटोएस्ट्रोजन होता हैं, यानी जिस तरह मनुष्यों के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन होता है उसी तरह पेड़-पौधों में फाइटोएस्ट्रोजन हार्मोन होता है। अब सोया प्रोडक्ट्स के साथ जब शरीर फाइटोएस्ट्रोजन जाता है, तो वह शरीर में जाकर एस्ट्रोजन हार्मोन रिसेप्टर्स के साथ गड़बड़ी कर सकते हैं, लेकिन बहत बहुत ही मामूली स्तर पर होती है, कि उसका शरीर में असर न के बराबर होता है। इससे यह बात साबित होती है, कि अगर सोया प्रोडक्ट्स का सही मात्रा में सेवन किया जाए तो एस्ट्रोजन या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

डाइट एक्सपर्ट हिमांशी शर्मा, चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, ISIC Multispecialty Hospital ने TheHealthsite को बताया कि अगर सेफ लिमिट में यानी सही मात्रा में सोया प्रोडक्ट्स का सेवन किया जाए तो उससे शरीर के एस्ट्रोजन या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लेवल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। सही मात्रा में सोया प्रोडक्ट्स लेना नुकसानदायक नहीं बल्कि हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि एक रिच प्रोटीन सोर्स होने के नाते यह मसल बिल्डिंग और वेट लॉस में तो मदद करता ही है साथ ही साथ इसके अन्य भी फायदे हैं जैसे

  • इसमें मोजूद ओमेगा-3 हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है
  • सही मात्रा में सोया प्रोडक्ट्स का सेवन करना बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकता है
  • हाई बीपी के मरीजों के लिए भी सोया प्रोडक्ट्स का सेवन करना काफी अच्छा माना जाता है

हालांकि, अगर आपको फूड एलर्जी हैं या फिर पाचन से जुड़ी अक्सर दिक्कत रहती है, तो आपको कितनी मात्रा में सोया प्रोडक्ट्स खाना चाहिए, इस बारे में एक बार किसी अच्छे डाईटीशियन से संपर्क कर लेना चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल सनस्क्रीन का सही इस्तेमाल करने से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।