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क्या झाग वाली दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है? जानें एक्सपर्ट से

Jhaag Wali Dal Khane Se Uric Acid Badhta Hai: कई लोगों को लगता है कि दाल पकाते समय ऊपर जमा होने वाले झाग से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है। आइए, एक्सपर्ट से जानते हैं इस दावे की सच्चाई -

क्या झाग वाली दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है? जानें एक्सपर्ट से

Written by priya mishra |Updated : March 3, 2025 12:24 PM IST

Does Lentils Foam Increase Uric Acid: दाल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है। अधिकतर लोगों के लिए चावल के साथ दाल सबसे कंफर्टिंग मील होता है। दालें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। दाल में प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर्स स्वस्थ रहने के लिए सभी को डाइट में दाल शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन जिन लोगों को यूरिक एसिड की समस्या होती है, उन्हें अक्सर दाल न खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, दालों को लेकर कुछ लोगों के मन में अलग-अलग तरह के भ्रम होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि प्रेशर कुकर में बनी दाल का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रेशर कुकर में बनी दाल में झाग होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है। ऐसे में, कई लोग यूरिक एसिड बढ़ने के डर से दाल का सेवन करने से डरते हैं। आइए, जानते हैं कि क्या वाकई क्या झाग वाली दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

क्या झाग वाली दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है? - Does Lentils Foam Increase Uric Acid In Hindi

ऐसा कहा जाता है कि दाल को किसी खुले बर्तन में पकाना चाहिए और इसे उबालते समय ऊपर जमा होने वाले झाग को हटाने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसे लेकर न्यूट्रिशनिस्ट जूही कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लोगों के इस भ्रम को दूर करने की कोशिश की है। न्यूट्रिशनिस्ट जूही कपूर के मुताबिक, जिन फूड्स में प्यूरीन कंटेंट ज्यादा होता है, उनके सेवन से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन दालों में प्यूरीन ज्यादा मात्रा में नहीं होता है इसलिए इनका सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की संभावना न के बराबर होती है। वहीं, दाल उबालने पर झाग वाल टेक्सचर असल में सैपोनिन की वजह से आता है, जो कि एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट है। दालों में यह बहुत कम मात्रा में मौजूद होता है इसलिए यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होता है। कई वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि सैपोनिन में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के रिस्क को कम करने में बहुत असरदार होते हैं। इसलिए इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता।

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यूरिक एसिड में कैसे करें दाल का सेवन?

  • दाल को पकाने से पहले इसे अच्छी तरह से धोकर करीब 30 मिनट के लिए भिगोकर रखें।
  • जब भी आप प्रेशर कुकर में दाल बनाएं, तो नमक, हल्दी और टमाटर जैसी चीजों को पहले न मिलाएं। इन्हें दाल थोड़ा पक जाने के बाद मिलाएं।
  • दाल बनाते समय उसमें थोड़ा सा तेल मिला लें। इससे दाल में झाग कम बनेगा।
  • मूंग और उड़द की दाल में प्यूरीन कम होता है, इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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