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क्या हल्दी वाला दूध पीने से बढ़ती है इम्यूनिटी, जानें रिसर्च और डॉक्टर की राय

पारंपरिक तौर पर भारतीय घरों में हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए पिया जाता है ताकि बीमारियों का खतरा कम रहे। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहते हैं डॉक्टर और रिसर्च।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 1, 2026 1:36 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

जब भी मौसम बदलता है या सर्दी-जुकाम का दौर शुरू होता है, सबसे पहले घरों में हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है। भारतीय परिवारों में सर्दी को खत्म करने और इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने के लिए हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल दादी- नानी के जमाने से किया जाता रहा है। मेरी मां कहती है कि बारिश के मौसम में रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिया जाए तो इम्यूनिटी स्ट्रांग बनती है और आपको सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या नहीं होती है। मां की तरह ही कई लोग भी इस बात को मानते हैं कि हल्दी वाला दूध पीने से इम्यूनिटी स्ट्रांग बनती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या विज्ञान भी इस दावे का समर्थन करता है या ये सिर्फ कही जाने वाली बात है। आज इस आर्टिकल में हम इसी बात की पड़ताल करेंगे।

हल्दी के फायदों पर क्या कहती है रिसर्च?

भारतीय घरों में इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी पर अब तक कई रिसर्च हुई है, जिसमें यह बात सामने आई है कि इसमें करक्यूमिन (Curcumin) पाया जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर मौजूद रिसर्च बताती है कि करक्यूमि नामक तत्व ही हल्दी को उसका पीला रंग देता है और इसके अधिकांश औषधीय गुणों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। रिसर्च के अनुसार, करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

भारत में हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। भारत में हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

क्या हल्दी वाला दूध वास्तव में इम्यूनिटी बढ़ाता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन, सीबीसी और WHO द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने नहीं आई है कि हल्दी वाला दूध सीधे तौर पर इम्यूनिटी को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है या किसी बीमारी से पूरी तरह बचा सकता है। रिसर्च में सिर्फ यह बात सामने आई है कि हल्दी का करक्यूमिन शरीर के इम्यून सिस्टम के कुछ हिस्सों को संतुलित करने में मदद कर सकता है।

हल्दी वाले दूध से इम्यूनिटी बढ़ाने पर क्या कहते हैं डॉक्टर?

दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद में हल्दी का इस्तेमाल इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। आयुर्वेद इस बात को मानता है कि बदलते मौसम या सर्दी के मौसम में हल्दी वाला दूध पिया जाए तो इससे सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या कम हो सकती है। डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं- जो लोग रोजाना संतुलित आहार लेते हैं, एक्सरसाइज करते हैं और किसी प्रकार का जंक फूड नहीं लेते हैं वो अगर रोजाना की डाइट में हल्दी वाले दूध का सेवन करें तो इससे उनकी इम्यूनिटी स्ट्रांग बन सकती है। हालांकि रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से सर्दी, खांसी और मौसमी बुखार की परेशानी नहीं होगी यह कहना बिल्कुल गलत होगा।

हल्दी वाला दूध पीने का सही तरीका

अगर आप हल्दी वाला दूध पीना चाहते हैं, तो एक गिलास गर्म दूध में लगभग आधा चम्मच हल्दी मिलाए। स्वाद और बेहतर तरीके से काम करने के लिए आप हल्दी वाले दूध में एक चुटकी काली मिर्च भी मिला सकते हैं। हल्दी वाला दूध पीते समय कभी भी चीनी या किसी अन्य तरह की मिठास का इस्तेमाल करें।

क्या रोजाना हल्दी दूध पीना सही है?

  1. इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि अगर आप शारीरिक तौर पर हेल्दी हैं आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो आप रोजाना एक सीमित मात्रा में हल्दी वाला दूध पी सकते हैं।
  2. ध्यान रहे कि एक दिन में 1 गिलास से ज्यादा हल्दी वाला दूध न पिएं। ज्यादा मात्रा में हल्दी वाला दूध पीने से आपकी बीमारी कम होने की बजाय बढ़ सकती है।

विभिन्न रिसर्च और डॉक्टर के साथ बातचीत के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि हल्दी वाला दूध भारतीय परंपरा का एक ड्रिंक है। लेकिन इसको पीने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है यह दावा 100 प्रतिशत सही नहीं है। इसलिए हल्दी वाले दूध को एक संतुलित और हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इसे कोई जादुई उपाय नहीं समझना चाहिए।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। हल्दी वाला दूध पीने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लें। आपको या आपके परिवार में किसी व्यक्ति को हल्दी वाले दूध से एलर्जी है तो इसका सेवन बिल्कुल न करें।