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Does Drinking Lemon Water And Green Tea Detox The Liver: लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करके बाहर निकलने का काम करता है। साथ ही, भोजन पचाने वाले बाइल प्रोटीन के उत्पादन और रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में भी मदद करता है। ऐसे में, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लिवर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस (World Liver Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लिवर से संबंधित बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान, ज्यादा शराब का सेवन और प्रदूषण के कारण लिवर में टॉक्सिन जमा हो सकते हैं, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके कारण धीरे-धीरे लिवर कमजोर होने लगता है और कई तरह की गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। वैसे तो लिवर अपने अंदर जमी गंदगी को खुद ही साफ कर लेता है। लेकिन अक्सर कई लोग लिवर को डिटॉक्स करने के लिए तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं। इन्हीं उपायों में नींबू पानी और ग्रीन टी का सेवन भी शामिल है। कई लोगों का यह मानना होता कि नियमित रूप से नींबू पानी और ग्रीन टी पीने से लिवर के अंदर की गंदगी साफ हो सकती है। लेकिन क्या यह पूरी तरह सच है या सिर्फ एक मिथक है? आइए, नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के निदेशक (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ निशांत नागपाल से जानते हैं इस बारे में -
एंटीऑक्सीडेंट गुण: नींबू में विटामिन-सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर को ऑक्सीडेटिव तनाव और मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
पाचन लाभ: नींबू पानी पाचन एंजाइमों और पित्त के उत्पादन को बढ़ावा देकर पाचन को उत्तेजित करने और लिवर के कार्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
हाइड्रेशन: नींबू पानी पीने से समग्र हाइड्रेशन में योगदान हो सकता है, जो लिवर के कार्य और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए आवश्यक है।
एंटीऑक्सीडेंट गुण: ग्रीन टी में कैटेचिन होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से होने वाले नुकसान से लिवर की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं।
सूजनरोधी प्रभाव: ग्रीन टी में सूजनरोधी प्रभाव हो सकते हैं, जो लिवर की सूजन को कम करने और समग्र लिवर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।
लिवर रोग के लिए संभावित लाभ: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि ग्रीन टी में लिवर रोग के लिए संभावित लाभ हो सकते हैं, जिसमें लिवर की सूजन को कम करना और लिवर के कार्य में सुधार करना शामिल है।
डॉ निशांत बताते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है कि नींबू पानी और ग्रीन टी पीने से लिवर डिटॉक्स हो सकता है। सबसे पहले यह समझ लें कि डिटॉक्सिफिकेशन क्या है? दरअसल, लिवर एंजाइम का उपयोग करके विषाक्त पदार्थों को कम हानिकारक पदार्थों में परिवर्तित करता है (चरण 1 डिटॉक्सिफिकेशन)। फिर लिवर एंजाइम इन पदार्थों को पानी में घुलनशील यौगिकों में परिवर्तित करता है (चरण 2 डिटॉक्सिफिकेशन), जिन्हें रक्त प्रवाह से बाहर निकाला जा सकता है (जैसे दवाओं, शराब और पर्यावरण प्रदूषकों को हटाना)। हालांकि, नींबू पानी और ग्रीन टी के कुछ लाभ हो सकते हैं, लेकिन ये स्वस्थ जीवनशैली और चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं।
नींबू पानी और ग्रीन टी को स्वस्थ जीवनशैली में शामिल करने से लिवर के स्वास्थ्य को लाभ हो सकता है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और विषाक्त पदार्थों से बचना भी लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जरूरी है। अगर आप लिवर डिटॉक्स के लिए कोई भी उपाय आजमा रहे हैं, तो किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।