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Medically Verified By: Dr. Alok Dubey
ब्लैक कॉफी वो होती है जिसमें चीनी और दूध का इस्तेमाल नहीं होता है।
आजकल हर दूसरे घर में फैटी लिवर की प्रॉब्लम सुनने को मिल रही है। खराब लाइफस्टाइल, तला-भुना खाना और एक्सरसाइज न करना फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। इसी बीच फैटी लिवर के खतरे को कम करने की बात आती है तो हर दूसरा व्यक्ति कहता है रोज ब्लैक कॉफी पियो। ब्लैक कॉफी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो लिवर के आसपास जमा होने वाले फैट्स को कम करते हैं। 28 जुलाई को जब वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाया जा रहा है तब यथार्थ हॉस्पिटल के डॉ. आलोक दुबे बता रहे हैं कि क्या ब्लैक कॉफी पीने से फैटी लिवर का खतरा कम होता है? साथ ही जानेंगे इस बारे में रिसर्च क्या कहती है?
डॉ. आलोक दुबे कहते हैं कि हमारा लिवर शरीर की फैक्ट्री है। खाना पचाना, टॉक्सिन साफ करना, सब काम यही करता है। जब लिवर की कोशिकाओं में 5% से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है तो उसे फैटी लिवर कहते हैं। इसे NAFLD यानी Non-Alcoholic Fatty Liver Disease भी बोलते हैं। नॉन- एल्कोहॉलिक फैटी लिवर के शुरुआत में कोई लक्षण नहीं नजर आता है, लेकिन इस बीमारी पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर होकर लिवर सिरोसिस में तब्दील हो जाता है। इतना ही नहीं धीरे- धीरे फैटी लिवर, लिवर फेल होने के कारण भी बन सकता है।
ब्लैक कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
ब्लैक कॉफी यानी बिना दूध-चीनी वाली कॉफी। जिसमें 3 चीजें होती हैं जो लिवर को सीधे रूप से फायदा पहुंचाती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-
Journal of Hepatology 2016 द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि रोजाना ब्लैक कॉफी पीने से फैटी लिवर का खतरा काफी कम होता है। इस स्टडी में 500 से ज्यादा नॉन- एल्कोहॉलिक फैटी लिवर के मरीजों को शामिल किया गया था। इस दौरान रिजल्ट में देखने को मिला कि जो लोग रोज 2-3 कप कॉफी पीते थे, उनके लिवर में फाइब्रोसिस और सूजन का खतरा 49% तक कम था। इस रिसर्च को करने वाले शोधकर्ताओं का मानना है कि कॉफी लिवर की कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करती है।
डॉक्टर मानते हैं कि ब्लैक कॉफी लिवर के लिए अच्छी है। लेकिन वो इसे दवा नहीं मानते हैं। डॉ. आलोक दुबे कहते हैं कि ब्लैक कॉफी लिवर को सपोर्ट कहती है। पर फैटी लिवर को ठीक करने के लिए एक्सरसाइज करना और शरीर का वजन कम करना बहुत जरूरी है।
फैटी लिवर को रिपेयर करने के लिए 1 दिन में 2 से 3 कप ब्लैक कॉफी पीना पर्याप्त है। 1 दिन में ज्यादा ब्लैक कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक होता है। ध्यान रहे कि ब्लैक कॉफी पीते समय इसमें किसी प्रकार की चीनी, दूध या क्रीम का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। चीनी खुद लिवर में फैट बढ़ता है। फैटी लिवर में ब्लैक कॉफी पीते समय फिल्टर कॉफी का यूज करें। इंस्टेंट कॉफी से दूरी ही बनाकर रखें।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. आलोक दुबे कहते हैं कि ब्लैक कॉफी सबके लिए अच्छी नहीं होती है।
रिसर्च और एक्सपर्ट दोनों मानते हैं कि ब्लैक कॉफी फैटी लिवर के खतरे को कम करती है। नियमित कॉफी पीने वालों में लिवर सिरोसिस का रिस्क 40% तक कम हो जाता है। हालांकि 1 दिन में 2 से 3 कप ब्लैक कॉफी से ज्यादा पीने से बचना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। फैटी लिवर की समस्या में ब्लैक कॉफी या किसी अन्य ड्रिंक का सेवन करने से पहले डॉक्टर से बात जरूर करें।