
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 6, 2024 2:32 PM IST
Medically Verified By:
Diet during cancer treatments: कैंसर वर्तमान में सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक है और हर साल दुनियाभर में लाखों लोग कैंसर की समस्या से पीड़ित पाए जाते हैं। जहां कैंसर के इलाज में लगातार नये डेवलपमेंट हो रहे हैं वहीं, कैंसर के मैनेजमेंट और कैंसर के इलाज में न्यूट्रिशन की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। हालांकि, इसके बारे में लोग बहुत गम्भीर नहीं हैं और उन्हें अधिक जानकारी भी नहीं होती। डॉ. राधेश्याम नाइक (Dr. Radheshyam Naik, Consultant Medical Oncologist & Hematologist at Sammprada Multi-speciality Hospital) ने बताया कि लोग अगर यह समझ जाएं कि कैंसर के इलाज में न्यूट्रिशन की भूमिका क्या है तो इससे कैंसर के इलाज के बाद रिकवरी तेजी से और बेहतर तरीके से हो सकती है।
हर व्यक्ति की ओवरऑल हेल्थ के लिए न्यूट्रिशन बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन जब कैंसर के मरीजों की बात हो तो पौष्टिक डाइट के बारे में जानना समझना बहुत जरूरी है। कैंसर और डाइट के बीच का संबंध काफी जटिल है क्योंकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि किसी व्यक्ति को किस प्रकार का कैंसर है, कैंसर किस स्टेज पर है और मरीज की हेल्थ कैसी है।
सही न्यूट्रिशन की मदद से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और इससे कैंसर के मरीजों की लाइफ क्वालिटी भी बेहतर होती है।
जहां अलग-अलग कारणों से जैसे (जेनेटिक्स और पर्यावरण से संबंधित कारणों ) कैंसर की बीमारी हो सकती है। वहीं,कुछ प्रकार के कैंसर का रिस्क डाइट की मदद से कम हो सकता है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर डाइट खाने से कोलोरेक्टल (colorectal), ब्रेस्ट कैंसर ( breast) और प्रोसेस्ट कैंसर (prostate cancers) का रिस्क कम होता है। इन फूड्स में एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants), विटामिंस ( vitamins) और मिनरल्स (minerals) सेल्स को डैमेज होने से रोकते (that help protect cells from damage) हैं और शरीर को रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाते हैं। इसीलिए, अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करें।
कैंसर ट्रीटमेंट्स के लिए इस्तेमाल होने वाली थेरेपीज जैसे कीमोथेरेपी (chemotherapy), रेडिएशन ( radiation) और सर्जरी (surgery) मरीज की हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे लोगों को अलग-अलग तरह की समस्याएं हो सकती हैं। कैंसर ट्रीटमेंट्स के बाद होनेवाली कुछ ऐसी ही समस्याएं हैं-
चक्कर आना ( nausea)
थकान (fatigue) और वेट लॉस ( weight loss)
ऐसे में शरीर को सही न्यूट्रिशन की जरूरत होती है ताकि वह ट्रीटमेंट के प्रभावों को झेल सके, टिश्यूज रिपेयर करने और स्ट्रेंथ बढ़ाता है।
टिश्यूज को रिपेयर करने के लिए आपको अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन के लिए आप इन चीजों का सेवन करें-
लीन मीट (Lean meats), मछली ( fish) और अंडे ( eggs)
डेयरी प्रॉडक्ट्स (dairy products)
बींस (beans) और टोफू (tofu) प्लांट बेस्ड प्रोटीन (plant-based proteins)
कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान लोगों की भूख मर सकती है या मेटाबॉलिज्म बढ़ सकता है। इससे लोगों को हेल्दी वजन मेंटेन कर पाने में दिक्कतें आ सकती हैं। इसीलिए, कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर, हाई-कैलोरी फूड्स खाएं। इसके लिए आप इन चीजों का सेवन कर सकती हैं-
इन सबके साथ आप खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए लिक्विड इंटेक पढ़ाएं। पानी पीने के अलावा आप नारियल पानी, हर्बल टी और क्लीयर ब्रॉथ (clear broths) जैसी चीजों का सेवन करें।