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क्या दिनभर ऑफिस में बैठकर काम करने वालों को भी प्रोटीन चाहिए, अगर हां तो फिर कितना?

अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर लोग प्रोटीन डाइट और व्हे प्रोटीन आदि सिर्फ तब ही लेते हैं, जब वे जिम जा रहे होते हैं और जब किसी कारण से जिम छोड़ देते हैं तो प्रोटीन इनटेक भी कम कर देते हैं। क्या फिजिकल एक्टिविटी न करने वालों को प्रोटीन नहीं लेना चाहिए?

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 3, 2026 6:41 PM IST

ज्यादातर लोग क्या करते हैं कि जब वे जिम स्टार्ट कर देते हैं, तब तो हर चीज में प्रोटीन ढूंढना स्टार्ट कर देते हैं। उन्हें दिनभर सिर्फ वही चीज खानी होती है, जिनसे उन्हें प्रोटीन मिल रहा हो। लेकिन अगर किसी कारण से जिम छूट जाती है, तो फिर वे धीरे-धीरे वे प्रोटीन का ध्यान रखना भी बंद कर देते हैं और फिर बस वही खाते हैं जो उन्हें अच्छा लगता है। लेकिन क्या शरीर को सिर्फ तभी प्रोटीन चाहिए होता है, जब आप जिम करते हैं? अगर कोई व्यक्ति ऑफिस में कंप्यूटर पर काम कर रहा है और दिनभर में फिजिकल एक्टिविटी कम कर रहा है तो क्या उसे प्रोटीन की जरूरत है? दरअसल, ये सवाल हमारे नहीं बल्कि आज के समय में ज्यादातर लोगों के होते हैं, लेकिन हम कुछ फैक्ट्स के आधार पर जानने की कोशिश करेंगे और इन सवालों का जवाब ढूंढेंगे।

जिम छोड़ने के बाद प्रोटीन डाइट क्यों छोड़ देते हैं लोग

ज्यादार लोगों में देखा है कि जब वे जिम कर रहे होते हैं या कोई अन्य एथलेटिक एक्टिविटी करते हैं तब वे अपनी डाइट में प्रोटीन का बहुत ध्यान रखते हैं। नियमित रूप से व्हे प्रोटीन लेते हैं और साथ ही प्रोटीन रिच फूड्स को भी अपनी डाइट में एड करते हैं। जबकि अगर जिम या स्पोर्ट्स एक्टिविटी छोड़ देते हैं, तो प्रोटीन लेना भी बंद कर देते हैं और ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ज्यादातर लोगों को लगता है कि सिर्फ मसल रिकवरी के समय ही काम आता है और वर्कआउट व स्पोर्ट्स एक्टिविटी के बाद जब मसल टूट जाती है तो उसकी रिकवरी के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। अगर आप फिजिकली एक्टिव नहीं है, तो आपकी मसल भी नहीं टूटती, तो आपके शरीर को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत नहीं होती है और जितने प्रोटीन की जरूरत होती है वह डाइट की मदद से मिल जाता है।

अगर आप एक्टिव नहीं हैं तो क्या आपको प्रोटीन की जरूरत नहीं है?

Pubmed Central की एक रिपोर्ट में यह साबित किया गया है कि सिर्फ एथलीट या जिम जाने वाले लोग ही नहीं बल्कि जिनका सेडेंटरी लाइफस्टाइल (जैसे कि ऑफिस में बैठकर काम करने वाले) है, उन्हें भी डाइट में प्रोटीन की जरूरत होती है। क्योंकि प्रोटीन की जरूरत सिर्फ मसल बिल्ड करने के लिए ही नहीं बल्कि मसल मास को बनाए रखने के लिए भी पड़ती है। इसके अलावा रिसर्चर के अनुसार मसल बिल्ड करने व उसे मेन्टेन रखने के साथ-साथ प्रोटीन की जरूरत शरीर को अन्य कई कार्यों में भी पड़ती है जैसे -

  • ब्लड शुगर रेगुलेट रखना
  • इम्यूनिटी हेल्दी रखने में मदद
  • हार्मोन बनाना
  • एन्जाइम्स बनाना

अगर कोई व्यक्ति वर्कआउट या स्पोर्ट्स एक्टिविटी छोड़ने के बाद प्रोटीन लेना भी छोड़ देता है, तो धीरे-धीरे उसका मसल मास कम होने लगता है। वहीं अगर प्रोटीन डाइट लेना नहीं छोड़ता और उसके शरीर को प्रोटीन मिलता रहता है, तो मसल मास को मेन्टेन रखने में काफी मदद मिलती है और मसल ठीक से अपना काम भी कर पाती हैं।

क्या सबको बराबर प्रोटीन चाहिए होता है?

Pubmed Central के द्वारा पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार हर किसी की लाइफस्टाइल के अनुसार उनकी प्रोटीन की जरूरत भी अलग-अलग होती है, जो इस प्रकार है -

  • सेडेंटरी लाइफस्टाइल जीने वाले - जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं जैसे दुकानदार, डेस्क जॉब या कंप्यूटर पर काम करने वाले, उन्हें भी रोजाना अपनी डाइट में प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंक उनके शरीर को भी मसल मास मेन्टेन रखना होता है और साथ ही अन्य बॉडी फंक्शन को मेन्टेन रखने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। रिसर्च के अनुसार सेडेंटरी लाइफस्टाइल में भी एक व्यक्ति को उसके शरीर के प्रति किलो वजन के अनुसार 0.8 ग्राम प्रोटीन जरूर चाहिए होता है।
  • एथलीट व स्पोर्ट्स एक्टिविटी करने वाले - एथलीट या किसी भी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग लेने वाले व्यक्तियों को प्रोटीन की जरूरत थोड़ा ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार एथलीट्स व स्पोर्ट्स एक्टिविटी करने वालों को उनके शरीर के प्रति किलो वजन के अनुसार 1.50 ग्राम प्रोटीन जरूरी होता है।
  • रेगुलर जिम करने वाले - जिम करने वालों की जरूरत के अनुसार प्रोटीन चाहिए होता है, अगर कोई मसल बिल्ड करना चाहता है, तो उसे प्रति किलो 2 ग्राम प्रोटीन चाहिए होता है। वहीं अगर बहुत ज्यादा मसल बिल्डअप नहीं करना है, तो शरीर के प्रति किलो वजन के अनुसार 1.50 ग्राम प्रोटीन से भी काम चल सकता है।

किन बातो का रखना होगा ध्यान?

ऐसा नहीं हैकि आप सारा प्रोटीन एक बार में ही ले सकते हैं, जबकि दिनभर की डाइठ मे थोड़ा-थोड़ा करके प्रोटीन लेना होता है। अगर बार में बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से आपका शरीर इतने प्रोटीन को इस्तेमाल नहीं कर पाता है और इस कारण से आपके शरीर से अतिरिक्त प्रोटीन निकल जाता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल यह बताना है कि एक व्यक्ति के लाइफस्टाइल के अनुसार उसे कितना प्रोटीन लेना चाहिए। हालांकि, इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।