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हर भारतीय रसोई में मिलने वाला हेल्दी मसाला हल्दी सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा का अहम हिस्सा रहा है। इस पीले मसाले में करक्यूमिन नामक एक इंपोर्टेंट एक्टिव कंपाउंड होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। कई रोगों के अचूक इलाज में महत्वपूर्ण मानी जाने वाली हल्दी को किडनी हेल्थ के लिए भी अच्छा माना जाता है। हल्दी के फायदों की लिस्ट लंबी है लेकिन इसके जोखिम भी कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी किडनी को हेल्दी रखने के लिए हल्दी का ज्यादा सेवन कर रहे हैं तो कुछ बातों की जानकारी होना आपके लिए जरूरी है।
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये गुण किडनी को क्रोनिक सूजन से बचाते हैं। दरअसल, किडनी डिजीज के कई कारणों में सूजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे किडनी को नुकसान से बचाव में मदद मिलती है। किडनी रोग भी ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़ा होता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। हल्दी के एंटीऑक्सीडेंट गुण इस तनाव को कम करने में मददगार होते हैं। ये किडनी की कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। डायबिटीज के कारण भी किडनी डिजीज का खतरा बढ़ता है। हल्दी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है, जिससे इस नुकसान से बचा जा सकता है।
कई शोध बताते हैं कि हल्दी के नियमित सेवन से किडनी स्टोन का खतरा कम होता है। हल्दी में मौजूद एंटी-माइक्रोबियल गुण किडनी इंफेक्शन से भी बचाव करते हैं। किडनी की सेहत कई कारणों से बिगड़ सकती है, जिनसे सुरक्षित रहने में हल्दी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह टॉक्सिक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती है और हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है, जिससे किडनी हेल्दी रहती है। शोध बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर किडनी के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। हल्दी इससे भी किडनी को बचाती है। इस मसाले में वासोडिलेटरी और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं।
किडनी हेल्थ के लिए हल्दी कितनी जरूरी है, ये तो हमने जान लिया, लेकिन इसके साथ यह जानना भी बहुत आवश्यक है कि हल्दी के नुकसान क्या हैं। दरअसल, हल्दी का बिना सोचे समझे ज्यादा सेवन करना किडनी डिजीज से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक भी हो सकता है। अध्ययनों के अनुसार करक्यूमिन के ज्यादा सेवन से नेफ्रोटॉक्सिक प्रभाव हो सकता है। इस स्थिति में किडनी डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप पहले से ही किसी किडनी की परेशानी से जूझ रहे हैं तो यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। कई बार किडनी को सेहतमंद रखने वाली दवाएं और ब्लड को पतला करने वाली दवाएं हल्दी के साथ क्रिया कर सकती हैं, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। हल्दी में ऑक्सालेट कंपाउंड होता है। सेंसिटिव लोगों में कैल्शियम ऑक्सालेट किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। ऐसे में अगर आप हल्दी को किसी सप्लीमेंट के तौर पर लेने का मन बना रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।