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aalu ke nuksan : जब बात सब्जियों की होती है तो आलू (Health benefits of eating potato)लगभग हर एक सब्जी में प्रयोग होने वाला फूड और भारत में इसको अलग-अलग तरह के पकाया जाता है। आलू के परांठे से लेकर पूरी आलू के अलावा ऐसी तमाम सब्जियां हैं, जिनमें अगर आलू न डालें तो उनका मजा खराब हो जाएगा। आलू न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि ये ढेर सारे स्वास्थ्य लाभ से भरा हुआ होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में आलू का सेवन आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है? शायद नहीं तभी आप दिन में एक बार तो जरूर आलू खाते ही होंगे। कुछ बीमारियां ऐसी हैं, जिनमें लोगों को आलू का सेवन (Side effects of eating potato) करने की सलाह बिल्कुल भी नहीं दी जाती है। आइए जानते हैं किन बीमारियों में आलू का सेवन आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
अगर आप आलू खाने के शौकीन हैं तो कुछ स्थितियों में इसके सेवन से परहेज करना जरूरी है क्योंकि आलू आपकी परेशानियों को बढ़ा सकता है। इसमें से एक है अर्थराइटिस। अर्थराइटिस में जोड़ों के दर्दकी परेशानी होती है और आलू का सेवन आपकी मुश्किलें और बढ़ाने का काम करता है। आलू में कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है, जिसे पचाना हर किसी के बस की बात नहीं। आलू की वजह से शरीर में सूजन बढ़ने लगती है, इसलिए गठिया रोगियों के लिए इसका सेवन हानिकारक होता है।
अगर आप हेल्दी वेट नहीं मेंटेन कर पा रहे हैं तो आपके लिए आलू का सेवन और भी हानिकारक हो सकता है। दरअसल आलू में मौजूद कार्ब की अधिक मात्रा आपके शरीर पर फैट बढ़ाने का काम करती है इतना ही नहीं 100 ग्राम आलू में 100 कैलोरी के आस-पास होती है, जो बहुत तेजी से आपका वजन बढ़ाने का काम करती है इसलिए अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो आलू का सेवन न करें।
आलू में मौजूद कार्ब्स की अधिक मात्रा डायबिटीज रोगियों के साथ-साथ मोटापे का शिकार लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। आलू का सेवन शरीर में ग्लूकोज लेवल को तेजी से बढ़ाने का काम करता है, जिसकी वजह से ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर हो जाता है इसलिए आलू का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। आलू का अधिक मात्रा में सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए किसी बढ़ते खतरे से कम नहीं है।
आलू में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो हृदय रोगों के शिकार लोगों की दवा के काम करने में बाधा पैदा करती है। दरअसल ह्रदय रोगियों को बीटा-ब्लॉकर्स कंपाउंड वाली दवाएं दी जाती हैं, जो खून में पोटेशियम के लेवलको बढ़ाने का काम करती हैं। जब आप इस स्थिति में आलू का सेवन करते हैं तो ये आपकी परेशानी को बढ़ाने का काम करती है। इसलिए इस स्थिति में आलू का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
आलू में मौजूद पोटेशियम की उच्च मात्रा किडनी रोगियों के लिए भी खतरनाक होती है, जिसकी वजह से किडनी फेल्योर का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है तो उसके लिए स्थिति में शरीर में बनने वाले अतिरिक्त पोटेशियम को फिल्टर कर पाना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से पोटेशियम का लेवल बढ़ जाता है और किडनी खराब होने लगती है।