इन 4 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं हरी मटर, जानिए किन लोगों को करना चाहिए हरी मटर से परहेज

मटर में राइबोफ्लेविन, कोलीन जैसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : January 20, 2024 10:42 AM IST

सर्दी के मौसम में ताजी हरी मटर खाने का मजा ही अलग है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए, ई, डी और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसी के साथ इसमें राइबोफ्लेविन, कोलीन जैसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होते हैं। मटर खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। फाइबर रिच होने के कारण ये आसानी से पच जाते हैं। इन सभी गुणों के बावजूद ज्यादा मटर खाना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इतना ही नहीं कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को मटर का सीमित सेवन ही करना चाहिए।

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कमजोर पाचन तंत्र वालेे संभलें

अगर आप कब्ज, पेट में सूजन, गैस और पेट फूलने जैसे समस्याओं से परेशान रहते हैं तो आपको मटर का ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए। मटर आपकी इन समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है। शोध बताते हैं कि मटर में लेक्टिन और फाइटिक जैसे कई एंटी न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जिनसे पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। चिंता की बात ये है कि मटर को ठीक से पकाने के बाद भी उसमें ये दोष बने रहते हैं।

गठिया है तो न खाएं ज्यादा मटर

वैसे तो मटर कई खनिजों से भरपूर है, लेकिन इसके ज्यादा सेवन से शरीर में कैल्शियम कम होने का डर रहता है, जिसके कारण अधिक यूरिक एसिड बनने लगता है। इस स्थिति में गठिया होने की आशंका रहती है। वहीं अगर आप पहले से ही इस बीमारी से पीड़ित हैं तो यह समस्या और बढ़ सकती है। जोड़ों में यूरिक एसिड जमा होना पीड़ादायक हो सकता है। इसलिए गठिया से पीड़ित लोगों को हरी मटर सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

वेट लॉस में बाधा

अगर आपका वजन ज्यादा है या फिर आप वेटलॉस कर रहे हैं तो भी आपको हरी मटर खाने से बचना चाहिए। दरअसल, मटर में मौजूद हाई प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट दोनों ही आपका वजन बढ़ा सकते हैं। इसी के साथ मटर में फाइटिक एसिड और लेक्टिन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो अन्य तत्वों के अवशोषण में बाधक बन सकते हैं। यही कारण है कि मोटापे और वजन बढ़ने की समस्या से बचने के लिए हरी मटर का अधिक सेवन न करने की सलाह दी जाती है।

किडनी से संबंधित समस्याएं होने पर

हरी मटर में प्रोटीन अत्यधिक मात्रा में होता है, इसका यही गुण किडनी की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए अवगुण भी बन जाता है। ज्यादा प्रोटीन होने के कारण मटर खाने से किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है। ऐसे में परेशानियां बढ़ सकती हैं। कई बार इसके कारण इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और डायरिया की समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर आप किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से ही मटर खाना चाहिए।

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