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रोज़े रखने से आपकी सेहत हो सकती है बेहतर! जानिये कैसे?

रोज़े रखने से डीटॉक्स होता है शरीर। जानिये और क्या फायदे हैं रमज़ान के।

रोज़े रखने से आपकी सेहत हो सकती है बेहतर! जानिये कैसे?

Written by Shabnam Khan |Updated : April 19, 2017 5:18 PM IST

रमज़ान का महीना आ गया है। मुस्लिम लोग इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं। रोज़ा रखने के लिए इस्लाम में एक ख़ास तरीका है। रोज़े के दिनों में रोज़दार सुबह सूरज के निकलने से पहले सहरी खाते हैं। उसके बाद वो दिनभर खाने पीने की हर तरह की चीज़ों से दूर रहते हैं। शाम को सूरज ढलने पर रोज़ा खोला जाता है। इसे इफ़्तार कहा जाता है।

आमतौर पर माना जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए दिन में चार से पांच बार खाना चाहिए। इसमें नाश्ता, दोपहर और रात का खाना और शाम का नाश्ता वगैरह शामिल होता है। लेकिन, रमज़ान के दिनों में मुसलमान लोग ये डाइट प्लान को मानकर नहीं चल सकते। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वो बीमार पड़ सकते हैं? नहीं, ऐसा नहीं है। रोज़े रखना आपको बीमार नहीं होते हैं, बल्कि निरोगता की तरफ एक कदम बढ़ाते हैं।

दूर होती हैं खाने पीने की बुरी आदतें

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आम दिनों में हम सभी दिन में अक्सर बाहर की चीज़ें खा लेते हैं। ख़ासतौर पर हाई शुगर वाली चीज़ें। इस दौरान हमारा कोलेस्ट्रोल काफी बढ़ जाता है। साथ ही, चाय, कॉफी, कोल्डड्रिंक, डिब्बाबंद जूस वगैरह जिसे हम यूं ही टीवी देखते हुए या अपना काम करते हुए पी लेते हैं वो हमारी सेहत के लिए अच्छी नहीं होती। और वो लोग, जो धूम्रपान करते हैं वो दिन में बार-बार सिगरेट आदि नहीं पी पाते। रोज़दार अपना पूरा दिन अपने रोज़मर्रा के काम और इबादत में लगा देता है, और इस तरह की खानपान की बुरी आदतों को कम किया जा सकता है। अक्सर ये आदत रमज़ान के बाद भी जारी रहती है।

पाचन क्रिया को आराम

जितना हम खाते हैं, उतना काम हमारे पाचन तंत्र का बढ़ता है। हमारे खाने के बाद उन्हें अपना काम शुरू करना पड़ता है और वो बहुत देर तक चलता है। कई बार हम हजम होने के पहले ही दूसरी चीज़ खा लेते हैं। इस प्रकार से हमारी पाचन क्रिया को कभी आराम नहीं मिल पाता। लेकिन, रमज़ान के इस एक महीने में रोज़दारों की पाचन क्रिया को काफी आराम मिलता है। इससे उनकी क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

शरीर को डीटॉक्स होने का मौक़ा

साल का ये एक महीना अगर आप रोज़े रख रहे हैं तो ये एक मौका है जिसमें आपका शरीर डिटॉक्स होता है। जब आप दिनभर कुछ नहीं खाते, तो आपके शरीर में अंदरूनी सफाई आसानी से हो जाती है। आम दिनों में दिनभर कुछ न कुछ खाने से आपका पेट भरा रहता है तो बॉडी डिटॉक्सीफाई नहीं हो पाती। इसे भी पढ़ें, शरीर को नैचरल तरीके से डिटॉक्स करने वाले 7 खाद्द पदार्थ

मोटापे में कमी

कुछ लोगों का मोटापा सिर्फ उनकी खानपान की आदतों की वजह से ही होता है। उनका अपनी भूख पर कंट्रोल नहीं होता। लेकिन, रमज़ान के दौरान ऐसे लोग खानेपीने पर कंट्रोल कर लेते हैं। वहीं, फलों का सेवन नियमित रूप से करना शुरू कर देते हैं। जिससे उनका वज़न कम होता है। इसे पढ़ें, कहीं आपकी धूम्रपान की आदत कर न दे आपके बच्चे को मोटा

मानसिक स्वास्थ्य बेहतर

जब तक मानसिक रूप से आप स्वस्थ नहीं है शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हो पाएंगे। रमज़ान के महीने में आपको ये मौका मिलता है कि आप मानसिक रूप से स्वस्थ हो जाएं। रोज़े रखने वाले लोग इस महीने अपना ध्यान इबादत में लगाते हैं। इससे उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

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चित्र स्रोत : Shutterstock

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