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हर प्रोटीन को एक जैसा मत समझें, जानें Whey Protein, Plant Protein और Soy Protein में अंतर

एक हेल्दी जीवन जीने के लिए हेल्दी डाइट होना चाहिए और हेल्दी डाइट के लिए सही प्रोटीन लेना भी बहुत जरूरी है, जिसके बारे में हम आपको इस बारे में कुछ खास चीजों के बारे में बताने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 28, 2026 5:55 PM IST

हमारी आज की जनरेशन काफी अपनी हेल्थ को लेकर काफी जागरूक होने लगी है, खुद को हेल्दी रखने वाली आदतें जैसे रोजाना जिम जाना और प्रोटीन रिच डाइट लेना आदि। लेकिन अभी भी सही प्रोटीन चुनना उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो रहा है और हम व्हे प्रोटीन के ब्रांड्स चुनने की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि प्रोटीन की ही बात कर रहे हैं। क्योंकि प्रोटीन भी कई अलग-अलग प्रकार का होता है और जिनमें प्रमुख प्रोटीन होते हैं व्हे प्रोटीन, प्लांट प्रोटीन और सोया प्रोटीन, ऐसे अक्सर सवाल उठता है कि इनमें से कौन सा प्रोटीन लेना चाहिए। वैसे तो हम सबको यही पता है कि हमें वही प्रोटीन लेना चाहिए जो हमारे लिए अच्छा हो लेकिन अच्छा कौनसा होता है? इस लेख में हम जानने की कोशिश करेंगे।

पहले एक-एक प्रोटीन को समझते हैं

अब आपको यह तो पता चल गया कि प्रमुख तौर पर प्रोटीन तीन प्रकार का होता है व्हे, प्लांट और सोया प्रोटीन अब इनके बारे में भी जान लेते हैं -

  • व्हे प्रोटीन - अगर आप जिम जाते हैं और प्रोटीन प्रोडक्ट्स लेते हैं, तो आपको व्हे प्रोटीन का जरूर पता होगा। व्हे प्रोटीन दूध से बनता है, जब दूध से पनीर बनाया जाता है, तो जो लिक्विड (पानी) बच जाता है, उसी को सुखाकर यह पाउडर बनता है।
  • प्लांट प्रोटीन - अब आप जानते हैं कि प्रोटीन सिर्फ दूध में नहीं होता है बल्कि प्लांट में भी होता है और इसलिए प्लांट से बनाए गए प्रोटीन को प्लांट प्रोटीन या प्लांट बेस्ड प्रोटीन कहा जाता है। मटर, ब्राउन राइस और चिया सीड्स आदि से यह प्रोटीन बनाया जाता है।
  • सोया प्रोटीन - वैसे तो सोया प्रोटीन भी एक प्लांट बेस्ड प्रोटीन ही होता है, लेकिन यह सिर्फ एक सोयाबीन से ही निकाला जाता है और इसमें किसी अन्य प्लांट फूड की जरूरत नहीं पड़ती है, इसलिए इसे सोया प्रोटीन कहा जाता है।

कौन सा प्रोटीन सबसे बढ़िया

प्रोटीन के इन तीनों प्रकारों की अपनी-अपनी एक खासियत होती है और इसलिए इनमें से किसी एक को दूसरे से अच्छा बताना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन आप अपनी चॉइस के अनुसार इन्हें अच्छा या बुरा समझ सकते हैं। दूध से बना प्रोटीन यानी व्हे प्रोटीन जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है, जो जल्दी मसल रिपेयर करने में मदद करता है। लेकिन कुछ लोगों को इससे ब्लोटिंग हो जाती है और लैक्टोज इंटॉलरेंस लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प नहीं होता है।

वहीं प्लांट बेस्ड प्रोटीन की खास बात यह है कि इससे ब्लोटिंग नहीं होती है और वेगन लोगों के लिए भी यह एक अच्छा विकल्प है। हालांकि, इसका टेस्ट कई बार लोगों को पसंद नहीं आता है और अलग-अलग वेज प्लांट सोर्स को मिलाकर इसे बनाया जाता है, क्योंकि एक प्लांट में सारे अमीनो एसिड्स नहीं मिल पाते हैं।

सोया प्रोटीन को भी अच्छा विकल्प माना गया है, क्योंकि यह एक अकेला ऐसा प्लांट बेस्ड प्रोडक्ट है जो एक कंप्लीट अमीनो एसिड प्रोफाइल देता है और इसलिए आपके लिए एक अच्छा प्रोटीन विकल्प है। लेकिन जिन लोगों को इससे एलर्जी होती है उनके लिए यह अच्छा विकल्प नहीं है।

हालांकि, अगर इन सबसे में बेस्ट की बात की जाए तो लोग सबसे ज्यादा व्हे प्रोटीन प्रोडक्ट्स ही इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि जल्दी पचने के कारण यह मसल रिपेयर के लिए काफी अच्छा माना जाता है और अगर आप भी जिम जाते हैं और आपको लैक्टोज से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो व्हे प्रोटीन अच्छा विकल्प है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग व्हे प्रोटीन को सबसे बेस्ट मानते है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल अलग-अलग प्रोटीन जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।