
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 13, 2023 3:03 PM IST
Diet Tips to beat heart failure risk: हार्ट डिजिजेज का खतरा हमारे देश के लोगों के लिए बहुत अधिक बताया जाता है। वहीं, बीते कुछ समय से युवाओं और 40 साल जैसी छोटी उम्र के लोगों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने इस ओर सभी का ध्यान खींचा है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी स्थितियां जानलेवा भी साबित हो सकती हैं इसीलिए, इनके खतरे से खुद को बचाना हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में लगातार बढ़ती डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल जैसी समस्याओं से हार्ट डिजिज और हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। (Diet Tips to beat heart failure risk in Hindi)
कुछ स्टडीज के अनुसार, हृदय संबंधी विकारों से बचने और हार्ट फेलियर के खतरे को कम करने के लिए लोगों को अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। स्टडीज के अनुसार, नमक और मसालों जैसी चीजों की मात्रा कम या ज्यादा रखने से लोगों को उनके स्वास्थ्य को हेल्दी रखने में मदद हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार दिनभर में 2300 मिलीग्राम नमक पर्याप्त होता है। इसके लिए दिनभर में एक चम्मच नमक काफी होता है।
जैसा कि नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। नमक खाने के स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाता है। लेकिन, अधिक मात्रा में नमक का सेवन करने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। अधिक मात्रा में नमक खाने से हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण बढ़ सकते हैं जो दिल से जुड़ी नसों या धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है। नतीजतन लोगों के लिए हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।वहीं, कुछ स्टडीज के अनुसार नमक खाने से ना केवल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ता है बल्कि इससे लीवर और किडनियों को भी नुकसान पहुंच सकता है जिससे किडनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कुछ सप्ताह पहले ही जर्नल ऑफ अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ( Journal of the American College of Cardiology) में एक स्टडी के परिणाम प्रकाशित किए गए। अस स्टडी में लोगों की खान-पान से जुड़ी आदतों के आधार पर उनमें हार्ट डिजिजेज के रिस्क का पता लगाने की कोशिश की गई। स्टडी के दौरान पाया गया कि, ज्यादा नमक खाने वाले लोगों में हार्ट डिजिज का रिस्क अधिक होता है। वहीं, ऐसे लोगों में हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का रिस्क भी काफी अधिक होता है। इसीलिए, अगर खाने में नमक की मात्रा कम रखी जाए तो इससे स्ट्रोक और हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार डेली डाइट में नमक की मात्रा घटाने से हार्ट फेलियर और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क कम होता है। इसी तरह डाइट से जुड़े कुछ और भी बदलाव हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं जैसे-