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मानसून में खराब खानपान के कारण बच्चे बार-बार बीमार क्यों पड़ने लगते हैं? जानें क्या करें उनकी डाइट में बदलाव

मानसून में उमस और बैक्टीरिया के कारण बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। इस मौसम में सेहतमंद रहने के लिए खानपान में बदलाव बेहद जरूरी है जिस बारे में डाइट एक्सपर्ट बता रहे हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 19, 2026 3:13 PM IST

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Medically Verified By: Dr Karuna Chaturvedi

गर्मियों से दुखी होकर लोग बेसब्री से मानसून के मौसम का इंतजार करते हैं, ताकि तपिश से राहत मिल सके। लेकिन यह भी सच है कि मानसून का मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को भी अपने साथ लेकर आता है, जिनमें आमतौर पर इन्फेक्शन व पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं जो सबसे ज्यादा उन लोगों में देखी जाती है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है जैसे कि बच्चे। हालांकि, बार-बार बीमार पड़ने के पीछे पूरी तरह से मानसून के मौसम को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि इस मौसम में लोगों की क्रेविंग अक्सर बढ़ जाती है और वे अक्सर बाहर का ज्यादा खाने लगते हैं। यहीं से शुरू होता है बीमारियों का असली सिलसिला। डॉ. करुणा चतुर्वेदी, हेड क्लिनिकल न्यूट्रिशन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा ने इस बारे में पेरेंट्स को खास जानकारी दी कि आखिर डाइट में ऐसे क्या बदलाव किए जाएं जिनकी मदद से बच्चों को मानसून में बार-बार बीमार पड़ने से बचाया जा सके?

मानसून में सही खानपान जरूरी

इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए, अपनी दिनचर्या और डाइट में कुछ समझदारी भरे बदलाव करना बहुत जरूरी है। मेरा सुझाव है कि हमेशा ताजा, हल्का और साफ-सफाई से बना खाना खाएं और ऐसी किसी भी चीज से बचें जो आपके पाचन को बिगाड़े या आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करे। बारिश के मौसम के लिए मेरी सबसे बड़ी सलाह यह है कि कच्चे या बासी खाने की जगह हमेशा ताजा पका हुआ गर्म भोजन ही चुनें।

बाहर मिलने वाले खाने से बचें

नमी वाले इस मौसम में बैक्टीरिया और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए बाहर मिलने वाले कटे हुए फल, खुले में रखा सलाद और स्ट्रीट फूड खाने से पूरी तरह बचें, क्योंकि हो सकता है कि उन्हें साफ-सफाई से न बनाया गया हो। इसके बजाय, घर का बना गर्म और आसानी से पचने वाला खाना ही खाएं। सूप, भाप में पकी हुई सब्जियां, खिचड़ी, दाल और कम मसाले वाली सब्जियां बहुत अच्छे विकल्प हैं, क्योंकि ये पेट के लिए हल्के होते हैं और सीलन भरे इस मौसम में शरीर को आराम देते हैं।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

मौसम ठंडा होते ही बच्चे अक्सर पानी पीना कम कर देते हैं, लेकिन मौसम ठंडा होने पर भी शरीर में पानी की कमी न होने देना उतना ही जरूरी है। डिहाइड्रेशन से बचने और अपने पाचन को सही रखने के लिए मैं हमेशा दिनभर में पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीने की सलाह देती हूं। बच्चों की डाइट में गुनगुना पानी या सूप भी शामिल किया जा सकता है। ज्यादा मीठे ड्रिंक्स, पैकेटबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक्स से बच्चों को दूर रखें, क्योंकि ये उनकी इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं और पेट फूलने का कारण बन सकते हैं। बच्चों को फल पसंद होते हैं इसलिए उन्हें मौसमी फल जैसे सेब, नाशपाती, अनार और केला आदि खिलाएं, और खाने से पहले उन्हें हमेशा अच्छी तरह जरूर धोएं।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल मानसून में होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे बचने के लिए डाइट में क्या बदलाव करें आदि के बारे में जानकारी देना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।