दिवाली मनाने के चक्कर में गलती से भी ये चीजें न खाएं डायबिटीज के मरीज, नहीं तो काबू में नहीं आएगा ब्लड शुगर

Diabetes Care in Diwali Celebration: डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर दिवाली की मिठाईयों का सेवन करते समय खास बातों का ध्यान देना है औऱ ऐसा न होने पर स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : October 20, 2025 8:46 AM IST

Diabetes Friendly Sweets in Diwali: त्योहारों का सेलिब्रेशन हर घर में तरह-तरह के मिष्ठानों का भरपूर आनंद लेकर किया जाता हैं। यह भी सच है कि मिठाई और मीठे पकवानों के बिना त्योहार फीका ही लगता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि त्योहारों में बने सारे खाद्य पदार्थों अधिकांश रूप से चीनी और वसा से भरपूर ही होते है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि, दिवाली में बने व्यंजनों का अधिक मात्रा में सेवन विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए त्योहारों के आसपास अपने खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसलिए त्योहार को इस तरीके से भी मनाने का फायदा नहीं कि उसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़े। इसलिए दिवाली के त्योहारों से पहले खासतौर पर कुछ चीजों का खास ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है ताकि डायबिटीज जैसी समस्याओं से निपटा जा सके।

मिठाइयों और स्वास्थ्य पर उनके असर के प्रति जागरूकता

त्योहारों के दौरान स्वादिष्ट मिष्ठानों का सेवन एक परंपरा है, लेकिन मधुमेह रोगियों के लिए यह सावधानी का विषय भी बन जाता है। दिवाली के खास पकवान अक्सर चीनी और वसा से भरपूर होते हैं, जो रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ा सकते हैं। ऐसे में मिष्ठानों का चयन सोच-समझकर करना आवश्यक है।

(और पढ़ें - डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं)

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले विकल्पों का चयन करें

मधुमेह रोगियों के लिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और कम ग्लाइसेमिक लोड वाले मिष्ठान बेहतर विकल्प होते हैं, जैसे कि लो जीआई स्वीट्स जैसे गेहूं के आटे से बनी मिष्ठानों की बजाय जौ से बनी चीजों को प्राथमिकता दें। इसके अलावा नारियल, गोंद और बाजरा आदि से बनी मिठाइयों में फाइबर व प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं और उनका जीआई इंडेक्स कम होता है।

चीनी की जगह प्राकृतिक मिठास वाली चीजें

बाजार की प्रोसेस्ड मिठाइयों के बजाय घर पर बनी मिठाइयों का सेवन करें, जिसमें आप रिफान्ड शुगर यानी चीनी की बजाय गुड़, खजूर, अंजीर, शहद और किशमिश जैसी प्राकृतिक मिठास वाली चीजों को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, इनका उपयोग भी कम मात्रा में ही किया जाना चाहिए। साथ ही घर पर बनी चीजों में आप साबुत अनाज और ड्राई फ्रूट्स भी शामिल कर सकते हैं, जो सेहत के लिए अच्छा विकल्प है।

सीमित मात्रा में सेवन

यह सलाह सिर्फ डायबिटीज या अन्य किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जरूरी है। मिठाई चाहे कितनी भी स्वादिष्ट हो उसका सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। क्योंकि ज्यादा मात्रा में मिठाई का सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही इससे शरीर का वजन भी बढ़ता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

डायबिटीज से कैसे बच सकते हैं?

हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव को कंट्रोल करने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज का रिस्क कम किया जा सकता है।

डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?

हाई ब्लड शुगर लेवल, थकान, बार-बार सिरदर्द, चक्कर और बिना वजह वजन बढ़ने या कम होने जैसी समस्याएं डायबिटीज का लक्षण हो सकती हैं।

डायबिटीज किसकी कमी से होता है?

डायबिटीज में इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज रोग हो सकता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है।

डायबिटीज का इलाज क्या है?

डायबिटीज का इलाज दवाइयों के किया जाता है। इसके साथ रेगुलर एक्सरसाइज करें। साथ ही, तनाव कम करें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान दें।

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