
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 8, 2018 1:15 PM IST
डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जो पूरी ज़िंदगी परेशान कर सकती है। इसकी वजह से होनेवाली तकलीफों से बचने का एक ही तरीका है सही डायट और एक्टिव लाइफस्टाइल। लेकिन सफर करते समय ऐसा नहीं कर पाते। तो अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें डायबिटीज़ है और आप अक्सर सफर करते हैं तो आपके काम आसकती हैं ये टिप्स।
फल खाएं
यह एक ऐसी टिप है जो हमेशा काम आती है। ज़्यादा खाने से बचने, अनहेल्दी चीज़े कम मात्रा में खाने से बचने और बदलते मौसम के साथ शरीर का तालमेल बिठाने के लिहाज से फलों का सेवन काफी मददगार रहता है। लोकल और मौसमी फल खाएं और साथ ही साथ ढेर सारा पानी भी पीएं।
चटर-पटर ना खाएं
लोग अकसर स्नैक्स को सिर्फ जंक भोजन जैसे पिज्जा, बर्गर, चिप्स, समोसा, कचौड़ी से जोड़कर देखते आए हैं। ये खाद्य पदार्थ न सिर्फ ढ़ेर सारी कैलोरी और वसा बढ़ाते हैं बल्कि मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों को भी जन्म देते हैं। लेकिन सेहतमंद स्नैक्स के बढ़ते चलन ने अब मधुमेह से पीड़ित लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। मुख्य भोजन के बीच में लिये जाने वाले ये स्नैक्स मधुमेह रोगियों के लिए वरदान है। ये स्नैक्स न सिर्फ भूख को कम करने में मददगार हैं बल्कि रक्त शर्करा के स्तर को भी ठीक रखने का काम करते हैं। मधुमेह से ग्रस्त रोगियों के लिए बाज़ार मे कई तरह के स्नैक्स के विकल्प उपलब्ध हैं। मधुमेह के अनुकूल स्नैक्स को बहुत ध्यान से चुनना चाहिए, क्योंकि ये मधुमेह के मरीजों को बहुत से फायदे देने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज का स्तर ठीक रखने में मदद करता है।
फैट की मात्रा का रखें ध्यान
संतृप्त और ट्रांस फैट रक्त कॉलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाता है। अधिक कॉलेस्ट्रोल से दिल की बीमारी का खतरा बना रहता है। जो लोग मधुमेह से ग्रस्त होते हैं, उन्हें दिल की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए संतृप्त वसा को सीमित मात्रा में लेने से दिल का दौरा कम होने की आशंका रहती है। जई और रागी घुलनशील रेशे के अच्छे स्त्रोत हैं, जो कॉलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार होते हैं। इससे दिल संबंधी बीमारियों को भी रोका जा सकता है। अब जब कभी भी आप कहीं घूमने जाने की योजना बनाएँ तो बेहतर होगा कि बेक्ड स्नैक्स जिसमें वसा और कैलोरी कम हो साथ ज़रूर ले जाएं, खासतौर से रागी और जई से बने स्नैक्स। सफ़र पर जाने से पहले ही फाइबर से भरपूर, कम वसा युक्त, ट्रांस वसा फ्री और कम कैलोरी से बने खाद्य पदार्थ खरीद लें ताकि बाद में पछताना न पड़े। तभी आप भी अपने सफ़र का मजा खुल कर ले सकेंगे।
जौ-रागी से बनी चीज़ें खाएं
स्नैक्स अगर जई और रागी से भरपूर हो तो वो ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम रखने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में पाचन के दौरान शुगर, रक्त में धीरे-धीरे जाता है। अन्यथा स्नैक्स में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट सीधे रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा देता है। रागी में कैल्शियम, फाइबर और ऐंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है। ये ऐंटीऑक्सीडेंट आपको मधुमेह के अलावा भी कई बीमारियों जैसे हृदय, गठिया और अल्ज़ाइमर रोगों से बचाता है। इसके साथ ही मधुमेह के रोगियों को सुबह-सुबह तेज़-तेज़ चलना चाहिए।
चित्रस्रोत-Shutterstock.