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Written By: Yogita Yadav | Published : August 16, 2019 11:55 AM IST
आलस, सुस्ती, तनाव और थकान से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप खुद को हाइड्रेट रखें। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अगर सादा पानी पीना अच्छा नहीं लग रहा तो आप इसमें नींबू, शहद, पुदीना, जीरा आदि भी मिला सकते हैं।
फेस्टिवल में जम कर खाना और जमकर मस्ती होती है। बहुत से लोग इस दिन अपने डाइट प्लान को भी भूल जाते हैं और बाहर का डीप फ्राई खाना खाने से भी परहेज नहीं करते। ऐसे में शरीर को बहुत कुछ सहना पड़ता है। फैमिली बॉन्डिंग, सेलिब्रेशन और मस्ती के साथ-साथ शरीर का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसलिए बेहतर है कि फेस्टिवल के बाद आप बॉडी डिक्सीफिकेशन (Body Detox) पर ध्यान दें।
अकसर आपने महसूस किया होगा कि फेस्टिवल के अगले दिन हम बहुत ज्यादा थकान, आलस और सुस्ती अनुभव करते हैं। कुछ तो होम सिकनेस और कुछ शारीरिक थकावट के कारण ऐसा होना लाजिमी है। पर शायद आप नहीं जानते कि जब हम अस्वस्थ आहार, यानी हाई सोडियम, हाई फैट और डीप फ्राई फूड लेते हैं, तब यह शरीर में सुस्ती बढ़ाते हैं। क्योंकि इन्हें पचाने के लिए पेट को डबल मेहनत करनी पडती है। इसलिए जब भी आलस और सुस्ती महसूस करें तो समझ जाएं कि आपके शरीर को खास देखभाल (Body Detox) की जरूरत है।
एक वयस्क व्यक्ति को दिन भर में दो से ढाई लीटर पानी की जरूरत होती है। पानी बॉडी डिक्सीफिकेशन का सबसे बेहतर तरीका है। बॉडी को हाइड्रेट रख कर आप अपनी बॉडी को बेहतर तरह से क्लीन कर सकते हैं। का सबसे अच्छा तरीका पेट को क्लीन करने के बारे में सोचना। यह आपके शरीर को किसी भी तरह की बेचैनी या अपच से बचा सकता है। पानी बॉडी डिटॉक्स का सबसे बेहतर तरीका है।
आलस, सुस्ती, तनाव और थकान से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप खुद को हाइड्रेट रखें। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अगर सादा पानी पीना अच्छा नहीं लग रहा तो आप इसमें नींबू, शहद, पुदीना, जीरा आदि भी मिला सकते हैं। ये प्राकृतिक हर्ब्स हैं, जिनसे पाचन बेहतर होता है। बेहतर होगा कि बॉडी डिटॉक्स के दौरान किसी भी तरह के प्रोसेस्ड फूड से बचें। इससे शरीर को मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद मिलेगी। पर जरूरत है कि ऐसा कुछ भी करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श कर लें।
फेस्टिवल में हुई ओवरईटिंग, थकान और सुस्ती से बचने के लिए शरीर को डिटॉक्स करना जरूरी है। डिटॉक्सिफिकेशन स्टैमिना को बढ़ाने का बेहतरीन तरीका है। इससे आप लाइट, फ्री और फ्रेश महसूस करेंगे। इससे होने वाले तमाम फायदों में स्किन व कॉम्प्लेक्शन का अच्छा होना, इम्युनिटी सिस्टम का स्ट्रॉन्ग होना, पाचन क्षमता का बढ़ना, स्टैमिना और एनर्जी लेवल बढ़ना, मेटाबॉलिज्म का इंप्रूव होना वगैरह शुमार हैं।
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