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Written By: Editorial Team | Updated : September 14, 2018 9:05 AM IST
राजमा खाने से कैंसर का खतरा हो सकता है। ..© Shutterstock
राजमा चावल ऐसी डिश है जो हर किसी की फेवरेट होती है। लेकिन बच्चों को यह कुछ ज्यादा ही पसंद होती है। अगर राजमा की बात करें तो इसके स्वास्थ्य लाभ अधिक और नुकसान कम हैं। क्योंकि इसके हेल्थ बेनिफिट की सूची बहुत लंबी है।
राजमा में ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं इसलिए इसे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।
राजमा में कैलोरी की मात्रा संतुलित होती है इसलिए ये हर उम्र के लोगों के लिेए फायदेमंद है और इसे खाने से वजन भी नहीं बढ़ता है। एक कप उबले हुए राजमा में लगभग 127 कैलोरीज होती हैं।
इसके अलावा इसमें सिर्फ 48 मिलीग्राम सोडियम होता है जबकि 860 मिलीग्राम पोटैशियम होता है इसलिए ये शरीर को ऊर्जा और पोषण देता है। लेकिन आज हम आपको राजमा से होने वाले कुछ ऐसे नुकसान के बारे में बता रहे हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।
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राजमा के फायदे
राजमा में ढेर सारे प्रोटीन्स होते हैं जो हमें स्वस्थ लाभ पहुंचाते हैं। एक कप उबले हुए राजमा में लगभग 15 ग्राम प्रोटीन होता है। अगर आप शाकाहारी हैं तो आपको राजमा से वो प्रोटीन्स भी मिलते हैं जो आमतौर पर मांसाहार से ही मिलते हैं।
राजमा में फेजोलिन नाम के प्रोटीन से शरीर में एलर्जी से बचाव रहता है। इसके अलावा राजमा में रेक्टिन्स और प्रोटीज भी होते हैं, जिनसे हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
राजमा में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है इसलिए इसे खाने से वजन कंट्रोल रहता है और पाचन ठीक रहता है। फाइबर की वजह से राजमा आंतों की अंदर से सफाई कर देता है और इससे लिवर की समस्याएं भी ठीक रहती हैं।
राजमा खाने से शरीर में ब्यूट्रेट, एसीटेट और प्रॉपिनेट जैसे फैटी एसिड का निर्माण होता है, जिससे कोलन कैंसर की आशंका कम होती है।
इन बातों का भी रखें ख्याल
राजमा-चावल जितने स्वादिष्ट होता है उतना ही स्वास्थ्य गुणों से भरपूर भी होता है। लेकिन इसके साथ ही आप ये भी जान लें कि राजमा खाने से कैंसर का खतरा हो सकता है। इसमें फोलिक एसिड होता है जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए इसका उपयोग सीमित रूप से करना चाहिए।
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राजमा में उपस्थित फाइबर आपके पाचन तंत्र को मजबूत करता है, लेकिन फाइबर का एक अतिरिक्त गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम पाचन प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है जिससे आपको पेट का दर्द, दस्त, कब्ज और बवासीर जैसी बीमारीयों का सामना करना पड़ सकता है।
चावल में कार्बोहाइट्रेड्स की भरपूर मात्रा मौजूद होती है। अगर बच्चे रोजाना राजमा चावल खाएंगे तो वह बचपन से ही ओबेसिटी के शिकार हो सकते हैं। यह जान लें कि ओबेसिटी अपने साथ कई बीमारियों को साथ लाती है।
एक कटोरी उबाले हुए चावल में कम से कम नहीं तो 10चम्मच के बराबर कैलोरी पायी जाती है। रोजाना चवाल का सेवन करने से डायबिटीज का खतरा ज्यादा रहता है।