
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 28, 2021 10:58 AM IST
DASH Diet: वेट लॉस के साथ ब्लड प्रेशर भी नॉर्मल रखती है डैश डाइट, जानिए कैसा होता है डैश डायट चार्ट
डैश डाइट (DASH Diet) वजन घटाने (Weight Loss), ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ (Heart Health) को दुरुस्त करने के लिए जानी जाती है। डैश डाइट (DASH Diet) वह डाइट होती है जिसमें प्रोटीन और सभी जरूरी विटामिंस व पोषक तत्वों की मात्रा को समान रखना होता है। इस डाइट में नट्स, फल, कम फैट वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स, सब्जियां, मीट और मछली आदि का सेवन किया जाता है। डैश डाइट (DASH Diet) को लेते वक्त तेल, नमक और मिर्च का सेवन कम से कम किया जाता है। इसमें फाइबर, लीन प्रोटीन और अन्य पोषण को शामिल किया जाता है, जो ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को लो रखने में मदद करते हैं।
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, अमेरिका में जहां हृदय रोग पुरुषों और महिलाओं की मौत का नंबर 1 कारण माना जाता है, वहां के लोग डैश डाइट को फॉलो करना नहीं भूलते हैं। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) हृदय रोगों को जन्म देने में एक बड़ी भूमिका निभाता है और अमेरिका में हर 3 में से 1 व्यक्ति को हाई ब्लड के कारण हाइपरटेंशन की समस्या होती है। हालांकि सिर्फ अमेरिका में नहीं बल्कि हमारे देश भारत और विश्वभर में हार्ट अटैक के कारण सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है। ऐसे में हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए डैश डाइट का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
DASH डाइट में न सिर्फ नमक (Sodium) की सीमित मात्रा होती है बल्कि सैचुरेटेड फैट का सेवन भी बहुत कम मात्रा में किया जाता है। ये दोनों ही चीजें हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। पोषण विशेषज्ञ कहते हैं कि सोडियम की ज्यादा मात्रा का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिसके चलते हृदय में अचानक से तनाव बढ़ने लगता है। सैचुरेटेड फैट के सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ता है। कोलेस्ट्रॉल में हृदय में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध या कम करने की क्षमता होती है। ऐसी स्थिति हार्ट अटैक को जन्म दे सकती है।
डैश डाइट (DASH Diet) 2 प्रकार की होती है। आप अपनी हेल्थ के अनुसार इनमें से कोई भी एक चुन सकते हैं। इन दोनों प्रकार के सोडियम की मात्रा को कम से कम रखा गया है। जिससे रक्तचाप के स्तर को कम करने और अन्य हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
स्टैंडर्ड डैश डाइट- इसमें प्रतिदिन सोडियम की मात्रा को 2,300 मिलीग्राम लिया जाता है।
लोअर सोडियम डैश डाइट- इसमें 1,500 मिलीग्राम सोडियम की मात्रा का प्रतिदिन सेवन किया जा सकता है।