
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Dark Chocolate
Dark Chocolate Benefits: क्या आप जानते हैं असल डार्क चॉकलेट क्या होती है? जिस चॉकलेट में कम से कम 50 फीसदी कोको सॉलिड्स होते हैं, उसे डार्क चॉकलेट कहा जाता है। लेकिन, सेहत के लिए 70 फीसदी से ज्यादा कोको सॉलिड्स वाले डार्क चॉकलेट फायदेमंद माने जाते हैं। WebMD के अनुसार, इस चॉकलेट में दूध नहीं मिलाया जाता है। हालांकि, क्रॉस-कंटैमिनेशन के कारण इसमें दूध की थोड़ी मात्रा मौजूद हो सकती है। डार्क चॉकले में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जिन्हें सेहत के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।
डार्क चॉकलेट में कैफीन होता है, जितना ज्यादा कोको सॉलिड्स उतना ज्यादा कैफीन होगा। आपको बता दें कि 70 से 80 फीसदी कोको वाली 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में लगभग 80 मिलीग्राम कैफीन होता है। डार्क चॉकलेट में कैलोरी और शुगर अधिक मात्रा में हो सकते हैं, इसलिए इनका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसलिए डार्क चॉकलेट का सेवन, दूध वाली चॉकलेट की तरह ही कम मात्रा में करना चाहिए।
National Library of Medicine के अनुसार, डार्क चॉकलेट हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। डार्क चॉकलेट खाने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इससे ब्लड वेसल्स की कार्यक्षमता प्रभावित बेहतर हो सकती है और हृदय रोगों का खतरा काफी कम करने में मदद मिल सकती है। डार्क चॉकलेट शरीर में रक्त प्रवाह को सुधारने में भी मदद कर सकता है।
डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले सेल डैमेज को कम करने में मदद कर सकते हैं। डार्क चॉकलेट खाने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
कई रिसर्च में डार्क चॉकलेट को ब्रेन हेल्थ के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है। दरअसल, डार्क चॉकलेट खाने से ब्लड फ्लो में सुधार हो सकता है और इससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता को सपोर्ट मिल सकता है। कुछ अध्ययनों में तो यह भी साबित हुआ है कि डार्क चॉकलेट खाने से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस पर अभी सीमित और शुरुआती वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हैं।
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट वजन को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है। दरअसल, कोको में पॉलीफेनॉल्स फैट सेल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं और शरीर में नई फैट कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा डार्क चॉकलेट खाने से, ज्यादा वजन कम हो सकता है।
इसके अलावा, डार्क चॉकलेट की थोड़ी-सी मात्रा खाने से भूख भी कम लगती है, यह मेटाबॉलिक सेहत में सुधार कर सकती है। इससे वजन को नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह लो-कैलोरी फूड नहीं है।
Disclaimer: सिर्फ डार्क चॉकलेट खाने से शरीर को सारे लाभ नहीं मिलते हैं। इसलिए आपको अपनी संपूर्ण डाइट पर ध्यान देने की जरूरता है। स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी खाना खाएं और रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें। कुछ रिसर्च के अनुसार, रोज 20 से 30 ग्राम तक 70 फीसदी या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट खाई जा सकती है। लेकिन, डार्क चॉकलेट का सेवन ज्यादा मात्रा में बिल्कुल नहीं करना चाहिए। डार्क चॉकलेट खरीदने से पहले इंग्रीडिएंट्स जरूर चेक करें, कुछ चॉकलेट में शुगर ज्यादा हो सकती है और इससे वजन बढ़ सकता है।