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Written By: Anshumala | Published : September 1, 2018 5:21 PM IST
मधुमेह रोगी ना करें कॉर्नफ्लेक्स का सेवन। © Shutterstock.
अधिकतर लोगों को नाश्ते में कॉर्नफ्लेक्स खाने की आदत होती है, लेकिन वे लोग जरा इसका सेवन कम ही करें, जिन्हें डायबिटीज है। दरअसल, कॉर्नफ्लेक्स में शुगर लेवल को बढ़ाने के लिए एक तरह का रासायनिक स्वीटनर मिलाया जाता है, जो डायबिटीज के रोगियों के लिए खासतौर से नुकसानदायक हो सकता है।
बेशक, कॉर्नफ्लेक्स में प्रोटीन और विटामिन भरपूर होता है, लेकिन डायबिटीज के रोगियों को अपने डायट में कुछ भी शामिल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए या डायटिशियन से सलाह ले लेनी चाहिए। इससे रक्त में शर्करा की मात्रा का स्तर सामान्य रहता है। मधुमेह एक ऐसा रोग है, जिसमें व्यक्ति को खाने-पीने के मामले में काफी परहेज बरतना पड़ता है।
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हाई ग्लाईसीमिक इंडेक्स
यह एक प्रकार का तरीका होता है जिससे पता चलता है कि कितनी तेजी से कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार, ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देते हैं। कॉर्नफ्लेक्स का जीआई वैल्यू 83 होता है, जो कि ब्लड शुगर लेवल को तुरंत बढ़ा देता है। ऐसे में आप खुद सोंच सकते हैं कि यह मधुमेह रोगियों के लिए कैसे अच्छा हो सकता है। कॉर्नफ्लेक्स में काफी कम प्रोटीन होता है। 1 कटोरी कॉर्नफ्लेक्स खाने के बाद भी पेट पूरी तरह से नहीं भरता, जिससे बड़ी ही जल्दी भूख लगने लगती है। कॉर्नफ्लेक्स बनाते वक्त काफी सारा फाइबर नष्ट हो जाता है, जिससे आप तक सही फाइबर की मात्रा नहीं पहुंच पाती।
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वजन बढ़ाता है
मधुमेह की रोगियों के लिए बढ़ता वजन मौत के समान होता है। कॉर्नफ्लेक्स में शुगर, माल्ट फ्लेवरिंग और कॉर्न सीरप होता है, जिसमें फ्रक्टोज का लेवल काफी अधिक होता है। तो अगर आप फ्लेवर वाला कॉर्नफ्लेक्स खाते हैं, जिसमें सिरप मिली होती है, आपका वजन बढ़ा सकता है। यह एक रासायनिक स्वीटनर होती है, जो पहले से ही कॉर्नफ्लेक्स में मिली होती है। फिर ऊपर से लोग इसमें और चीनी या शहद मिला लेते हैं जिससे वजन बढ़ने लगता है। शोध में पता चला है कि कॉर्नफ्लेक्स में आलू चिप्स के मुकाबले ज्यादा सोडियम की मात्रा मिली हुई होती है। यह हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी होने का रिस्क बढ़ाता है।