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Written By: Yogita Yadav | Published : November 29, 2018 1:51 PM IST
आलूबुखारा सॉर्बिटॉल और इसाटिन जैसे कंपाउंड में समृद्ध हैं जो पाचन तंत्र के कामकाज की निगरानी में मदद करता है और कब्ज से राहत देता है। ©Shutterstock.
आलूबुखारा फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के अलावा कई विटामिन और खनिजों का बढि़या स्रोत है। जो कई पुरानी बीमारियों (chronic diseases) के आपके जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। आलूबुखारा को कब्ज और ओस्टियोपोरोसिस सहित कई स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार के लिए जाना जाता है। यह भी पढ़ें – सर्दियों के लिए क्या है बेहतर ग्रीन टी या मसाला चाय ?
पोटेशियम से भरपूर
आलूबुखारा में मौजूद उच्च पोटेशियम सामग्री आपके हार्ट रेट और रक्तचाप को अच्छी तरह से प्रबंधित करता है। यह प्लेटलेट क्लोटिंग को रोकता है जो एथेरोस्क्लेरोसिस, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग का कारण बन सकता है। यह आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को रोकने में भी मदद करता है।
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पाचन तंत्र के कामकाज के लिए
आलूबुखारा सॉर्बिटॉल और इसाटिन जैसे कंपाउंड में समृद्ध हैं जो पाचन तंत्र के कामकाज की निगरानी में मदद करता है और कब्ज से राहत देता है।
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विटामिन सी से भरपूर
आलूबुखारा विटामिन सी का बहुत बड़ा स्रोत है जो आपके शरीर को संक्रामक एजेंटों से दूर करने, सूजन से लड़ने और मुक्त कणों या फ्री रेडिकल्स से रक्षा करने की शक्ति प्रदान करता है।
हृदय स्वास्थ्य में सुधार करे
आलूबुखारा आपके शरीर को मुक्त कणों से छुटकारा पाने और कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकरण को रोकने में, हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकरण स्वस्थ रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर आपके दिल पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
कैंसर में गुणकारी
स्तन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और रेस्पिरेट्री ट्रैक कैंसर को रोकने में आलूबुखारा काफी मदद करता है। आलूबुखारा कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ एक सुरक्षा प्रदान भी करता है। आलूबुखारा में मौजूद पिग्मेंट एंथोसाइनिन भी आपके शरीर को ओरल और कैविटी कैंसर से भी बचाता है।
ब्लड शुगर का नियंत्रण
खाने से ब्लड शुगर (रक्त में शर्करा की मात्रा) नियंत्रित रहती है। मधुमेह से ग्रस्त रोगियों के लिए यह लाभकारी माना जाता है। आलूबुखारा फाइबर का एक अच्छा स्रोत हैं और एडिपोनेक्टिन के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है। यह ब्लड शुगर के नियंत्रण को लाभ दे सकता है।
इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाए
आलूबुखारे में मौजूद विटामिन-सी आपकी आंखों और त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार है और इम्यूनिटी सिस्टम भी बढ़ाता है। इसके इलावा इसमें विटामिन के एवं विटामिन बी6 भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आलूबुखारा
आलूबुखारा बहुत ही स्वादिष्ट फल होता है जो सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए, कैल्शियम, फास्फोरस, कॉपर, मैग्नीशियम और फाइबर मौजूद होते हैं। आलूबुखारे में कई गुण होते हैं जो हड्डी के नुकसान से बचाने में मदद करते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों के जोखिम को कम कर सकता है। मोनोपॉज के उपरांत महिलाएं आलूबुखारे का सेवन करें तो वे स्वयं को ओस्टियोपोरेसिस से बचा सकती हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करे
एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बैड कोलेस्ट्रॉल के नाम से भी जाना जाता है। आलूबुखारा के फायदे में एक फायदा यह है कि यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। आलुबुखारे में आयरन की मात्रा होती है जो ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करती है और इसमें पोटेशियम होने से शरीर के सेल्स मजबूत होते हैं और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।
मेमोरी में करता है सुधार
आलूबुखारा एंटीऑक्सिडेंट से भरा हुआ हैं जो आपके मस्तिष्क की मेमोरी में सुधार करने के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी त्वचा के साथ ही दिमाग को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह आपके तनाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तंत्रिका तंत्र की हेल्थ रखे दुरुस्त
आलूबुखारा में विटामिन बी6 होता है, जो तंत्रिका सिग्नल के संचरण में मदद करता है और तंत्रिका तंत्र (nervous system) के सुचारू रूप से कामकाज में सहायता करता है। ये मस्तिष्क के सामान्य विकास में भी मदद करता है।