
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : September 29, 2020 1:36 PM IST
अधिकतर भारतीयों में देखी जाती है इन 5 पोषक तत्वों की कमी, शरीर को झेलना पड़ता है भारी नुकसान
हमारे शरीर को स्वस्थ रखने और सुचारु रूप से चलाने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। यदि ये तत्व शरीर को समय पर सीमित मात्रा में न मिले तो हमारा शरीर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार होने लगता है। यह तो आप भी जानते ही होंगे कि प्रत्येक विटामिन और खनिज की अपनी एक विशिष्ट भूमिका होती है, जिसे किसी अन्य पोषक तत्व द्वारा प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। तमाम विटामिन, आयरन, फैट, कार्ब्स और प्रोटीन ऐसे मैक्रोन्यूट्रिएंट होते हैं, जो भोजन का सबसे बड़ा हिस्सा होते हैं और हमारे शरीर द्वारा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक होते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है लोग किसी न किसी कारणवश इनका सही मात्रा में सेवन नहीं कर पाते हैं। आज हम आपको 4 ऐसे जरूरी खनिजों के नाम बता रहे हैं जिनकी आमतौर पर भारतीयों में कमी देखी जाती है। अगर आप भी इनमें से हैं तो जल्द से जल्द इन पोषक तत्वों की पूर्ति करें।
ये तो सभी जानते हैं कि विटामिन डी हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही महत्पवपूर्ण पोषक तत्व है और सूरज की किरणों से किरणों से इसकी सीधे प्राप्ति की जा सकती है। इसके बावजूद अधिकतर भारतीयों में इसकी कमी देखी जाती है। हमारी त्वचा, जब सूर्य के प्रकाश के संपर्क में होती है तो कोलेस्ट्रॉल से विटामिन डी बनाती है। यह पोषक तत्व शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए महत्वपूर्ण है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में भी मदद करता है। ऐसे बहुत कम प्राकृतिक उत्पाद हैं जिनकी मदद से विटामिन डी का सेवन किया जा सकता है। ओकरा, डेयरी उत्पादों और मशरूम में विटामिन डी की अच्छी मात्रा होती है। ऐसे में जो लोग विटामिन डी की कमी से जझ रहे हैं वे इनका सेवन कर सकते हैं। विटामिन डी का आरडीआई 70 साल से कम उम्र के लोगों के लिए 600 आईयू और 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 800 आईयू है।
हमारे में आधे से ज्यादा आबादी शाकाहारी भोजन का सेवन करती है जिसके चलते लोगों में विटामिन B 12 की कमी देखी जाती है। क्योंकि यह आवश्यक विटामिन वेजिटेरियन की तुलना में नॉनवेजिटेरियन फूड जैसे कि मीट, चिकन, अंडे और मछली में अधिक पाया जाता है। आपको बता दें कि विटामिन B 12 स्वस्थ तंत्रिका ऊतक, ब्रेन फंक्शन और रेड ब्लड सेल्स प्रॉडक्शन के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि डेयरी प्रॉडक्ट्स और फोर्टिफाइड फूड में भी विटामिन B 12 की मात्रा होती है, वेजिटेरियन लोग इनका सेवन कर सकते हैं। विटामिन B 12 के लिए आरडीआई 2.4 एमसीजी है।
फोलेट विटामिन बी 9 का स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला रूप है। यह हरी पत्तेदार सब्जियों, खट्टे फलों, किडनी बीन्स, अंडे और फलियों में पाया जाता है। फोलेट डीएनए, आरएनए के निर्माण के लिए जिम्मेदार है और कोशिकाओं का निर्माण खंड है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नवजात शिशुओं में स्पाइना बिफिडा जैसे जन्म दोषों को रोकने में मदद करता है। फोलेट के लिए आरडीआई वयस्कों के लिए 400 एमसीजी है, जबकि गर्भवती महिलाओं में यह 600 एमसीजी है।
न सिर्फ भारतीयों में बल्कि आयरन एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी कमी दुनियाभर के लोगों में पाई जाती है। जब शरीर में खून की कमी होने लगती है तो लोग एनीमिया का शिकार हो जाते हैं। पीरियड के दौरान खून की कमी के कारण गर्भवती और मासिक धर्म वाली महिलाओं में यह कमी आम है। आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है। इस पोषक तत्व की कमी से कमजोरी और रुखापन हो जाता है। 50 वर्ष से ऊपर के पुरुषों और महिलाओं के लिए आयरन के लिए आरडीआई 8.7 मिलीग्राम/दिन है। 19 से 50 वर्ष की महिलाओं को 14.8mg/दिन का सेवन करना चाहिए। पालक, डार्क चॉकलेट, अनार, मछली, मांस आयरन के कुछ सामान्य स्रोत हैं।